मासिक सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण कर त्वरित उपाय करें– जिलाधिकारी आशिमा मित्तल

जालना/कादरी हुसैन
जिले में हर माह होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का गहन विश्लेषण कर उन्हें तत्काल कम करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने दिए।
आज जिलाधिकारी कार्यालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए वे बोल रही थीं। बैठक में उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी चंद्रमोहन चिंतल, कार्यकारी अभियंता (निर्माण विभाग, सार्वजनिक बांधकाम विभाग क्रमांक 1) श्रीमती स्मिता पवार, पुलिस उप अधीक्षक रविंद्र निकाळजे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिले तथा जालना शहर में चिन्हित दुर्घटनाप्रवण स्थलों पर चल रहे कार्यों को तत्काल पूरा करने के आदेश दिए गए। साथ ही इन स्थानों पर आवश्यक संकेतक एवं चेतावनी फलक तुरंत लगाने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए।
वर्ष 2025 में जिले में कुल 756 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें से 318 दुर्घटनाएँ घातक सिद्ध हुईं। इन दुर्घटनाओं में 355 नागरिकों की मृत्यु हुई, जो एक गंभीर स्थिति है। दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनों की संलिप्तता अधिक पाई गई है। इसलिए दोपहिया वाहन चालकों से अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने की।
इसके अतिरिक्त, जालना शहर सहित जिले के प्रमुख दुर्घटनाप्रवण स्थलों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित आईटीएमएस – इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत गैंट्री प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस प्रणाली के माध्यम से बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करना तथा सिग्नल तोड़ने जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर स्वचालित ई-चालान प्रणाली द्वारा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह परियोजना जालना जिले में शीघ्र लागू की जाएगी, ऐसा उन्होंने बताया।
अंत में, जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने नागरिकों से सड़क सुरक्षा हेतु यातायात नियमों का पालन करने और दुर्घटनामुक्त जिला बनाने में प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।
