औरंगाबाद में जल आपूर्ति योजना में करोड़ों के घोटाले का आरोप, इम्तियाज जलील ने CBI जांच की मांग की

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद शहर की जल आपूर्ति योजना को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष इम्तियाज जलील ने आरोप लगाया है कि इस योजना में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है और योजना की लागत को जानबूझकर बढ़ाकर मंत्री, विधायक और संबंधित अधिकारियों ने भारी गैरव्यवहार किया है।
जलील ने कहा कि औरंगाबाद की जनता पिछले कई वर्षों से पानी के लिए परेशान है, जबकि सत्ताधारी दल इस अधूरी योजना का श्रेय लेने में व्यस्त हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी योजना की लागत 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन इस योजना में लागत को करोड़ों रुपये तक बढ़ा दिया गया, जो गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जल आपूर्ति मंत्री सहित कई जिम्मेदार लोग इस योजना से “मालामाल” हुए हैं। जलील के अनुसार, हैदराबाद की एक कंपनी को यह ठेका दिया गया था। योजना के तहत लगभग 50 किलोमीटर दूर से पाइपलाइन के माध्यम से शहर में पानी लाया जाना था। साथ ही शहर की पुरानी जलवाहिनी की मरम्मत कर 52 पानी की टंकियां बनाने का प्रावधान था।
उन्होंने कहा कि यह योजना इतनी अधिक विलंबित हुई कि पहले जिसकी लागत 1870 करोड़ रुपये बताई गई थी, वह बढ़कर करीब 3000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि में वृद्धि कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
इम्तियाज जलील ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से नहीं, बल्कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने सत्ताधारियों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके आरोप गलत साबित होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि एमआईएम के विरोधी पक्ष नेता के रूप में अब्दुल समीर साजेद बिल्डर ने आज पदभार ग्रहण किया। इसी दौरान इम्तियाज जलील ने जल आपूर्ति योजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए CBI जांच की मांग दोहराई।
