सभी सांसदों से किसान की आवाज़ सुनने की अपील, खान एजाज़ अहमद का खुला संदेश

खासदार टाईम्स स्पेशल
देशभर के सांसदों से किसानों के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने की अपील की गई है। यह अपील किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों के ज़मीर को जगाने के उद्देश्य से की गई है।
संदेश में कहा गया है कि संसद में बैठा हर सांसद यह याद रखे कि उसे कुर्सी जनता के वोट से मिली है और उस वोट में किसानों की अहम भूमिका रही है। सवाल उठाया गया है कि क्या चुनाव से पहले जिस ताक़त के साथ किसानों के मुद्दे उठाए जाते हैं, क्या वही आवाज़ संसद के भीतर भी सुनाई देती है?
किसानों की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि वे आज भी अपनी फसल का उचित दाम, कर्ज़ से राहत, सिंचाई के लिए पानी, सस्ती और नियमित बिजली, गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर बाज़ार व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। साथ ही मेहनत के सम्मान की बात भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।
खान एजाज़ अहमद ने सभी सांसदों के नाम सीधे संदेश में कहा है कि किसान को भाषण नहीं बल्कि समाधान चाहिए, पोस्टर नहीं बल्कि परिणाम चाहिए और वादों के बजाय ईमानदार काम की जरूरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सरकार बनाम विपक्ष का नहीं बल्कि किसान और व्यवस्था के बीच की लड़ाई है।
सभी सांसदों से अपील की गई है कि वे किसानों की आवाज़ को सोशल मीडिया तक सीमित न रखें बल्कि उसे संसद तक पहुंचाएं। कहा गया है कि जब किसान खेत में पसीना बहा रहा है, तब जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे उसकी आवाज़ को मजबूती से उठाएं।
संदेश के अंत में कहा गया है कि किसान खुश होगा तभी देश आगे बढ़ेगा और यह अपील किसी एक नेता के लिए नहीं बल्कि देश के हर किसान के लिए है।
