किरिट सोमैया बनाम इम्तियाज जलील: ‘तोतला’ टिप्पणी पर 10 करोड़ की मानहानि नोटिस से सियासत गरम

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरिट सोमैया ने एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील को 10 करोड़ रुपये की मानहानि नोटिस भेजी है। यह जानकारी जलील ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से साझा की।
इम्तियाज जलील के अनुसार, सोमैया की ओर से भेजी गई कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सोमैया को “तोतला, तोतले, तोतल्या” जैसे शब्दों से संबोधित किया और उनके कथित वीडियो को मुंब्रा के मुख्य चौक में प्रसारित करने की धमकी दी। नोटिस में दो राष्ट्रीय समाचार पत्रों में सार्वजनिक माफी प्रकाशित करने और प्रतिष्ठा को हुई क्षति के लिए 10 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है।
हालांकि, इस मामले में सोमैया की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
“मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है” – इम्तियाज जलील
जलील ने अपने बयान में कहा कि सोमैया भारतीय मुस्लिमों को “पराया” और “घुसपैठिया” कहने का दुस्साहस करते हैं, जबकि मुस्लिम भी उतने ही देशभक्त भारतीय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों को बंद करने की मांग और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को आतंकवाद से जोड़ने जैसे बयान सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देते हैं।
इम्तियाज जलील ने कहा कि मुंब्रा, मालेगांव और मानखुर्द जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों को बार-बार निशाना बनाया जाता है। उन्होंने 22 जनवरी 2026 की एक कथित मुलाकात का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि क्या मुस्लिमों के प्रति इस्तेमाल की गई भाषा और लहजा आपत्तिजनक नहीं है?
“सवाल जनता को तय करना है”
इम्तियाज जलील ने आगे कहा कि बिना ठोस आधार के मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या किसी रंग—हरा या केसरिया—के आधार पर पुलिस नोटिस देना अपराध है?
उन्होंने कहा, “गुन्हा आखिर क्या है—किसी समुदाय को बार-बार प्रताड़ित करना या उस प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाते हुए संबंधित व्यक्ति को ‘तोतला’ कहना? इसका फैसला जनता करे।”
अपने बयान के अंत में जलील ने कहा कि उन्हें भारत के संविधान और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और “चलो, अदालत में मिलते हैं।”
इस नोटिस के बाद राज्य की सियासत में बहस तेज हो गई है और दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
