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दुबई में युद्ध जैसे हालात में फंसे हजारों भारतीय; सांसद डॉ. कल्याण काले ने केंद्र से की त्वरित कार्रवाई की मांग

जालना | कादरी हुसैन

दुबई में अचानक बने युद्ध जैसे तनावपूर्ण हालात के बीच हजारों भारतीय नागरिकों के फंसने की जानकारी सामने आने के बाद जालना लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. कल्याण काले ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। विदेश मंत्रालय की ओर से प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि एक सांसद को भी जवाब नहीं मिल रहा है तो विदेश में फंसे आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

डॉ. काले ने बताया कि वे 27 फरवरी को मुंबई से दुबई के लिए रवाना हुए थे और 28 फरवरी को दुबई पहुंचने के बाद अपने परिवार तथा अन्य दो परिवारों के साथ होटल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान इलाके में अचानक तनावपूर्ण हालात बनने की सूचना मिली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया।

उन्होंने कहा कि उस समय ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी। दुबई में मौजूद हजारों भारतीय नागरिक अचानक पैदा हुए हालात के कारण फंस गए थे। कुछ समय के लिए हवाई अड्डा बंद होने की खबरों से लोगों में घबराहट फैल गई और कई नागरिकों को यह चिंता सताने लगी कि वे सुरक्षित भारत लौट पाएंगे या नहीं।

सांसद डॉ. काले ने बताया कि उन्होंने तुरंत केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय को ई-मेल और पत्र के माध्यम से स्थिति की जानकारी दी, लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि ऐसी गंभीर स्थिति में केंद्र के जिम्मेदार मंत्रियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विदेशों में फंसे भारतीयों को भरोसा दिलाना चाहिए था और यह स्पष्ट करना चाहिए था कि वहां कितने भारतीय फंसे हैं तथा उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों की होटल बुकिंग समाप्त हो चुकी थी, उनके ठहरने और भोजन की अस्थायी व्यवस्था दुबई के स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई। हवाई अड्डा बंद होने के कारण कई लोगों को कुछ दिनों तक वहीं रुकना पड़ा।

करीब तीन से चार दिनों के बाद धीरे-धीरे विमान सेवाएं फिर से शुरू हुईं, जिसके बाद कुछ भारतीय नागरिकों के लिए भारत लौटना संभव हो सका। इस दौरान कई स्थानीय परिचितों और भारतीय समुदाय के लोगों ने भी एक-दूसरे की मदद करने का प्रयास किया।

भारत सुरक्षित लौटने के बाद सांसद डॉ. काले ने अपने लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों द्वारा की गई प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि मातृभूमि पर लौटते ही ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई बच्चा अपनी मां की गोद में वापस आ गया हो।

इस पूरी घटना के संदर्भ में उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि विदेशों में संकट की स्थिति में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए अधिक प्रभावी और त्वरित व्यवस्था तैयार की जाए। साथ ही ऐसे समय में विदेशों में मौजूद भारतीयों से सीधे संवाद की व्यवस्था को भी और मजबूत किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख, शहर अध्यक्ष अतिक खान, बदर भाई, जयप्रकाश दादा चव्हाण, राम सिरसाठ, सोपानराव तिरुखे, कल्याणराव तारडे, देवजी नाना जर्हाड, कांग्रेस के नगरसेवक तथा अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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