भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, 7 मई को 244 जिलों में होगी मॉक ड्रिल; जानें कौन-कौन से शहर हैं शामिल

नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए भारत सरकार ने एक एतिहासिक कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने देशभर के 244 जिलों में 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य आम जनता को संभावित युद्ध, आतंकी हमले या किसी आपदा की स्थिति में सतर्क और प्रशिक्षित करना है।
यह मॉक ड्रिल 1971 युद्ध के बाद देश में इस स्तर पर किया जाने वाला सबसे बड़ा नागरिक सुरक्षा अभ्यास होगा।
इन जिलों और शहरों में होगी मॉक ड्रिल:
अंडमान-निकोबार
- पोर्ट ब्लेयर
आंध्र प्रदेश
- विशाखापत्तनम
अरुणाचल प्रदेश
- आलोग
- इटानगर
- तवांग
- हायूलिंग
- बोमडीला
असम
- बोंगईगांव
- डिबरूगढ़
- डुबरी
- गोलपारा
- जोरहट
- शिवसागर
- तिनसुकिया
- तेजपुर
- डिगबोई
- डिलियाजन
- गुवाहाटी
- रंगिया
- नामरुप
- नजिरा
- नॉर्थ लक्ष्मीपुर
- नुमालीगढ़
- डरांग
- गोलाघाट
बिहार
- बरौनी
- कटिहार
- पटना
- पुर्णिया
- बेगूसराय
चंडीगढ़
- चंडीगढ़ (UT)
छत्तीसगढ़
- दुर्ग
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
- दादरा
- दमन
दिल्ली
- नई दिल्ली
गोवा
(सूची में नाम नहीं दिया गया, लेकिन पड़ोसी क्षेत्रों में मॉक ड्रिल है)
गुजरात
(इस सूची में निर्दिष्ट नहीं है)
हरियाणा और हिमाचल प्रदेश
(कुछ शहर पंजाब और राजस्थान के पास)
जम्मू-कश्मीर
(प्रत्यक्ष शहर नहीं दिए गए, लेकिन संवेदनशील इलाकों में तैयारी संभव)
झारखंड
(उल्लेख नहीं)
कर्नाटक
(इस लिस्ट में नाम नहीं दिया गया)
केरल
(सूची में नाम नहीं)
मध्य प्रदेश
(सीमित जानकारी)
महाराष्ट्र
- अबू रोड (राजस्थान-महाराष्ट्र सीमा पर)
- नासिराबाद
- भिवारी
ओडिशा
- बालासोर
- कोरापुट
- भुवनेश्वर
- गोपालपुर
- हिराकुंड
- पारादीप
- राउरकेला
- भदरक
- डेनकनाल
- जगतसिंहपुर
- केंद्ररपुर
पुडुचेरी
- पुड्डुचेरी
पंजाब
- अमृतसर
- भटिंडा
- फिरोजपुर
- गुरदासपुर
- होशियारपुर
- जालंधर
- लुधियाना
- पटियाला
- पठानकोट
- बरनाला
- अदहमपुर
- भाखड़ा नंगल
- हलवारा
- कोटकापुर
- बटाला
- मोहाली
- अबोहर
राजस्थान
- अजमेर
- अलवर
- बाड़मेर
- भरतपुर
- बीकानेर
- बूंदी
- गंगानगर
- हनुमानगढ़
- जयपुर
- जैसलमेर
- जोधपुर
- उदयपुर
- सीकर
- नल
- सूरतगढ़
- अबू रोड
- नासिराबाद
- भिवारी
उत्तर प्रदेश
- इलाहाबाद
- बरेली
- गाजियाबाद
- गोरखपुर
- झांसी
- कानपुर
- लखनऊ
- मथुरा
- मेरठ
- मुरादाबाद
- सहारनपुर
- वाराणसी
- मुगलसराय
- सरसावा
- बुलंदशहर
- बागपत
- मुजफ्फरनगर
पश्चिम बंगाल
(इस लिस्ट में उल्लेख नहीं)
क्या होता है मॉक ड्रिल?
मॉक ड्रिल में सायरन बजाकर आपातकालीन हालात की नकल की जाती है, ताकि नागरिक जान सकें कि युद्ध, बम विस्फोट या हवाई हमले जैसी स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए।
सायरन के दौरान सावधानियां:
- सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं
- खुले इलाकों से तुरंत हटें
- घबराएं नहीं
- सरकारी सूचना पर ध्यान दें
- अफवाहों से बचें
कौन होंगे शामिल?
- जिला प्रशासन
- पुलिस अधिकारी
- फायर ब्रिगेड
- होम गार्ड्स
- सिविल डिफेंस वार्डन
- स्कूल-कॉलेज के छात्र
- NCC, NSS, NYKS के सदस्य
यह मॉक ड्रिल न सिर्फ एक अभ्यास है बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी है कि भारत किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
