औरंगाबाद में गैस संकट: 70% लघु-मध्यम उद्योग ठप, हजारों कामगारों पर संकट

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद से बड़ी खबर सामने आई है, जहां कमर्शियल गैस आपूर्ति ठप होने के चलते औद्योगिक क्षेत्र में गंभीर संकट पैदा हो गया है। ईरान-इजरायल युद्ध की पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार द्वारा 5 मार्च से कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दिए जाने का सीधा असर शहर के उद्योगों पर पड़ा है।
वाळूज, चिकलठाणा, शेंद्रा और पैठण जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां मौजूद चार हजार से अधिक कंपनियों में से करीब 50 प्रतिशत उद्योग उत्पादन के लिए गैस पर निर्भर हैं। गैस की कमी के कारण लगभग 70 प्रतिशत लघु और मध्यम उद्योग पूरी तरह ठप हो चुके हैं, जिससे उत्पादन गतिविधियां लगभग रुक गई हैं।
उद्योग जगत के अनुसार, अचानक आई इस गैस संकट ने सप्लाई चेन को भी प्रभावित किया है। कई कंपनियों के ऑर्डर अटक गए हैं और समय पर सप्लाई न होने से आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है। निर्यात से जुड़ी इकाइयों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में साख पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे ज्यादा असर कामगारों पर पड़ा है। हजारों श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, कंपनियां कुशल कामगारों को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक काम जैसे मशीनों की सर्विसिंग और मेंटेनेंस करवा रही हैं, ताकि हालात सामान्य होने पर तुरंत उत्पादन शुरू किया जा सके।
उद्योग संगठनों ने सरकार से जल्द से जल्द गैस आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो औरंगाबाद का औद्योगिक ढांचा बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर दीर्घकालिक असर पड़ने की आशंका है।
