औरंगाबाद नगर निगम में बदलाव: जी. श्रीकांत ने सौंपा पदभार, नए आयुक्त अमोल येडगे ने संभाली जिम्मेदारी

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
शहर के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को पूरा करने वाले औरंगाबाद नगर निगम के आयुक्त जी. श्रीकांत ने आज शाम 5:40 बजे अपना पदभार नए आयुक्त अमोल येडगे को सौंप दिया। इस दौरान उन्होंने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।
पदभार संभालने के बाद अमोल येडगे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि औरंगाबाद मराठवाड़ा की राजधानी है और उन्हें पहली बार नगर निगम आयुक्त के रूप में काम करने का अवसर मिला है। इससे पहले वे उपविभागीय अधिकारी, बीड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, साथ ही यवतमाल और कोल्हापुर के जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
उन्होंने कहा कि औरंगाबाद एक औद्योगिक शहर है और उनका मुख्य ध्यान अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने तथा नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं इंजीनियर हैं, इसलिए इस जिम्मेदारी में उन्हें सीखने का भी अच्छा अवसर मिलेगा। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा की।
वहीं, पूर्व आयुक्त जी. श्रीकांत ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्हें 2 वर्ष 11 महीने 1 दिन तक आयुक्त के रूप में काम करने का अवसर मिला, जिसके लिए वे शासन के आभारी हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक निर्णय लेने और उन्हें लागू करने के कारण कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हमेशा शहर के हित को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में पानी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए नई योजना शुरू की गई। पैठण से जैकवेल तक पानी लाने में कई बाधाएं आईं, लेकिन यह मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट था, जिसे आगे बढ़ाने का मौका मिला। हालांकि, शहर तक पानी पूरी तरह पहुंचा पाते तो उन्हें और संतोष मिलता।
इसके अलावा कचरा प्रबंधन और सफारी पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स 95 प्रतिशत तक पूरे किए गए, कई नए उद्यान विकसित किए गए और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि नए आयुक्त इन प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह पूरा करेंगे।
जी. श्रीकांत ने अपने कार्यकाल में नगर निगम स्कूलों में सीबीएसई स्तर की शिक्षा, कर वसूली में वृद्धि और कर छूट योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया। पद छोड़ते समय मुख्य प्रवेश द्वार पर उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से मिलकर भावुक विदाई ली।
बताया जा रहा है कि उनकी बदली रोकने के प्रयास भी हुए, लेकिन नए आयुक्त के पदभार ग्रहण करने के बाद वे प्रयास सफल नहीं हो सके।
