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जालना मर्चेंट बैंक घोटाला: मुख्य आरोपियों के तीन सहयोगी गिरफ्तार, 6 दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर

जालना/कादरी हुसैन

जालना शहर स्थित जालना मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रामेश्वर विलासराव जाधव, ज्ञानेश्वर विलासराव जाधव और सुधाकर रावसाहेब ठोंबरे (सभी निवासी भोकरदन) शामिल हैं। आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 6 दिन की पुलिस हिरासत (पीसीआर) में भेजा गया है।

इस मामले में बैंक के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वेयरहाउस के नाम पर 177 फर्जी खातों के जरिए 23 करोड़ 33 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस संबंध में चंदनझीरा पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 220/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल और अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी ने जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी थी। इससे पहले इस घोटाले के मुख्य आरोपी रायचंद सखाराम कुरंगळ और निलेश्वर शेषराव भोसले (उम्र 46, निवासी सिंदखेड राजा, जिला बुलढाणा) को गिरफ्तार कर 24 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेजा जा चुका है।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर, लाइसेंस बनवाकर और मार्केट कमेटी की फर्जी रसीदें तैयार कर बैंक से लोन हासिल किया। इसके लिए उन्होंने कई लोगों को 10 से 20 हजार रुपये का लालच देकर फर्जी खाताधारक बनाया और एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और मुख्य आरोपियों की मदद कर रहे थे। फरार होने के बाद तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रैक कर उन्हें दबोच लिया। रामेश्वर जाधव और ज्ञानेश्वर जाधव को बुलढाणा जिले से, जबकि सुधाकर ठोंबरे को 19 अप्रैल 2026 की देर रात जालना से गिरफ्तार किया गया।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी तलाश जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी और आर्थिक अपराध शाखा के प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक सुरेश उनवणे के मार्गदर्शन में की गई। टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक मिथुन घुगे, पुलिस उप निरीक्षक शैलेश म्हस्के सहित आर्थिक अपराध शाखा के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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