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खामगांव दलित युवक पर बर्बर हमला, वंचित बहुजन आघाड़ी ने जताया तीव्र विरोध, आरोपियों पर ‘मकोका’ लगाने की मांग

प्रतिनिधि: फिरदोस खान पठान

लोणार — खामगांव में एक दलित युवक रोहन पैठणकर के साथ हुई क्रूर जातीय हिंसा को लेकर वंचित बहुजन आघाड़ी ने कड़ा विरोध जताया है और आरोपियों पर ‘महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम’ (मकोका) के तहत कार्रवाई की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, रोहन पैठणकर को खामगांव के बस स्टैंड क्षेत्र से अकेला पाकर कुछ जातिवादी हमलावरों ने उसका अपहरण कर लिया। उसे सुनसान जगह पर ले जाकर पहले उसकी जात पूछी गई और फिर बेरहमी से पीटा गया। हमले में रोहन की एक आंख की रोशनी चली गई और नाक की हड्डी भी टूट गई। आरोपियों ने उसे निर्वस्त्र कर गौवंश के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो बनाए।

हमलावरों की पहचान गब्बू गुजरीवाल, रोहित पगारिया और प्रशांत सांगेल के रूप में हुई है। गनीमत रही कि घटनास्थल के पास से गुजर रही पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी के सायरन की आवाज सुनते ही आरोपी रोहन को अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए।

इस अमानवीय घटना के विरोध में लोणार में वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र में दलितों पर जातीय हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो अत्यंत निंदनीय है। संगठन ने इस घटना को ‘महाराष्ट्र के प्रगतिशील स्वरूप पर धब्बा’ बताया।

वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रतिनिधिमंडल ने भाई महेंद्र पनाड के नेतृत्व में तहसीलदार, लोणार के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर ‘मकोका’ के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान भाई महेंद्र पनाड, सुनील देहाडे, युवा अध्यक्ष गौतम गवई, महासचिव पवन अवसरमोल, माजी तालुका अध्यक्ष श्रावण म्हस्के, रमेश प्रधान, सिद्धार्थ जावळे, अतिश पनाड, संजय लहाने, जगन गवई, संतोष वाकोडे, तेजराव अवसरमोल, अमितेश अंभोरे सहित दर्जनों वंचित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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