भाजपा का परचम बुलंद! औरंगाबाद-जालना विधान परिषद चुनाव में सुहास शिरसाट की ऐतिहासिक जीत

औरंगाबाद | प्रतिनिधि
औरंगाबाद-जालना स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र विधान परिषद चुनाव 2026 का अंतिम परिणाम महायुति के पक्ष में आया है। इस प्रतिष्ठित और हाई-वोल्टेज त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा और महायुति के अधिकृत उम्मीदवार सुहास शिरसाट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 455 मत हासिल कर प्रचंड विजय दर्ज की। उन्होंने महाविकास आघाड़ी और उद्धव सेना के उम्मीदवार गणेश लोखंडे को बड़े अंतर से पराजित कर इस निर्वाचन क्षेत्र में महायुति का दबदबा फिर से कायम कर दिया।
विजय के लिए 313 मतों का कोटा निर्धारित था, जिसे सुहास शिरसाट ने पहले ही दौर में पार कर लिया। सोमवार, 22 जून 2026 को हुई मतगणना मात्र 1 घंटा 23 मिनट में पूरी हो गई। चुनाव में कुल 625 मत वैध पाए गए थे। मतगणना के अंतिम परिणाम में सुहास शिरसाट को 455 मत मिले, जबकि गणेश लोखंडे को 134 मत प्राप्त हुए। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार इसाक खान संडू खान को केवल 35 मतों पर संतोष करना पड़ा।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे और सांसद संदीपान भुमरे की रणनीति और संगठनात्मक प्रबंधन ने महायुति की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महायुति ने पहले ही दौर में विपक्ष की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
चुनाव के दौरान कई राजनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिले। वंचित बहुजन आघाड़ी के चार नगरसेवकों ने पार्टी निर्देशानुसार मतदान का बहिष्कार किया। वहीं कांग्रेस की एक नगरसेविका ने भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। उद्धव सेना के उम्मीदवार गणेश लोखंडे ने वंचित बहुजन आघाड़ी का समर्थन हासिल करने के प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
मतदान केंद्र परिसर में एमआईएम और उद्धव सेना के बीच दूसरे वरीयता मतों को लेकर संभावित समझौते की चर्चाएं भी होती रहीं। हालांकि, सुहास शिरसाट को पहले वरीयता के ही 455 मत मिलने से विपक्ष की सभी रणनीतियां विफल साबित हुईं।
इससे पहले हुए मतदान में कुल 637 मतदाताओं में से 630 मतदाताओं ने मतदान किया था, जो 98.90 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान रहा। छत्रपति संभाजीनगर और जालना जिले के कुल 13 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
अंतिम परिणाम घोषित होते ही मतगणना केंद्र के बाहर महायुति कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। गुलाल उड़ाया गया, आतिशबाजी की गई और समर्थकों ने विजय उत्सव मनाते हुए पूरे क्षेत्र को भगवामय कर दिया।
