खाद्य तेल में मिलावट पर सख्ती की मांग, राज्यव्यापी विशेष जांच अभियान चलाने का आग्रह

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र भेसळ मुक्त संघर्ष कृती समिती ने राज्य में खाद्य तेल में संभावित मिलावट पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री, खाद्य एवं औषध प्रशासन मंत्री तथा खाद्य एवं औषध प्रशासन आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है।
समिति ने अपने ज्ञापन में कहा है कि खाद्य तेल प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय है। इसलिए राज्य के सभी खाद्य तेल उत्पादकों, रिफाइनरों, पैकिंग एवं री-पैकिंग इकाइयों, थोक विक्रेताओं तथा खुदरा व्यापारियों की व्यापक और विशेष जांच कराई जाए। साथ ही विभिन्न स्थानों से खाद्य तेल के नमूने एकत्र कर उन्हें शासन द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजा जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि संबंधित व्यापारियों के एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस, खरीद-बिक्री अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, परिवहन दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक रिकॉर्ड का गहन सत्यापन किया जाए। यदि जांच के दौरान गलत लेबलिंग, खाद्य तेल में मिलावट अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
समिति ने प्रत्येक जिले में की गई जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, नागरिकों की शिकायतों के लिए विशेष हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा खुले खाद्य तेल की बिक्री एवं वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीति लागू करने की भी मांग की है।
समिति ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी भी ईमानदार व्यापारी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानकों के अनुरूप खाद्य तेल उपलब्ध कराना, मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा खाद्य तेल के व्यापार में पारदर्शिता और विश्वास कायम करना है।
इस अवसर पर समिति के अब्दुल अजीम पटेल, सय्यद मुकर्म सय्यद महेमूद, आवेस इलियास कादरी, काज़ी नजीमुद्दीन, शेख तौफिक, अथर कुरैशी, अमीर शेख तथा सय्यद अफ्फान उपस्थित रहे।