औरंगाबाद में कचरा गाड़ियों के भोंपू से बढ़ा ध्वनि प्रदूषण, नियमों की उड़ रही धज्जियां

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
“एक नंबर आहे एक नंबर, छत्रपती संभाजीनगर..!” यह गीत सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक तेज़ आवाज़ में लगातार सुनाई देता है। यह आवाज़ छत्रपती संभाजीनगर महानगरपालिका की कचरा संकलन करने वाली घंटागाड़ियों के भोंपू से आती है। ‘ज़ीरो वेस्ट’ अभियान के तहत चलने वाली ये गाड़ियां शहर में भारी ध्वनि प्रदूषण फैला रही हैं।
महाराष्ट्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) ने सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारकों के लिए अधिकतम 55 डेसिबल की सीमा निर्धारित की है। लेकिन वास्तविकता में इन घंटागाड़ियों से औसतन 84 डेसिबल तक ध्वनि दर्ज की जा रही है, जो निर्धारित सीमा से काफी अधिक है और नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
महानगरपालिका ने शहर में कचरा संकलन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई घंटागाड़ियां शुरू की हैं, लेकिन पर्यावरण के अनुकूल होने के बजाय ये वाहन अब ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। लगातार तेज़ आवाज़ के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।