गुजरात के अमरेली में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या, जातिगत अपमान से जुड़ा मामला

गुजरात के अमरेली जिले में 16 मई को एक दलित युवक नीलेश राठौड़ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मामला मामूली कहासुनी से शुरू हुआ, लेकिन जातिगत अपशब्द और हिंसा में बदल गया। इलाज के दौरान भावनगर के अस्पताल में नीलेश ने दम तोड़ दिया।
घटना अमरेली के सावरकुंडला रोड की है, जहां नीलेश अपने तीन साथियों के साथ एक ढाबे पर खाना खाने से पहले पास की दुकान पर चिप्स लेने गया था। नीलेश ने दुकान के मालिक के बेटे को ‘बेटा’ कहकर पुकारा, जिससे दुकानदार छोटा भारवाड़ भड़क गया। एफआईआर के मुताबिक, जब उसे पता चला कि नीलेश दलित है, तो उसने जातिगत अपशब्द कहे और हमला कर दिया।
हमले में नीलेश के साथ लालजी चौहान, भावेश राठौड़ और सुरेश वाला भी घायल हुए। हमलावरों के पास लाठियां और कुल्हाड़ियां थीं। चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां नीलेश की हालत गंभीर बनी रही और अंततः उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने अब तक इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और शेष चार की तलाश जारी है। पुलिस ने पहले मारपीट और दंगे की धाराओं में मामला दर्ज किया था, लेकिन अब हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है।
घटना के बाद दलित नेता और कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शव नहीं लिया जाएगा। परिवार ने चारों पीड़ितों को सरकारी नौकरी या चार एकड़ जमीन, सभी दोषियों की गिरफ्तारी, और गुजरात आतंकवाद नियंत्रण अधिनियम (GUJCTOC) के तहत केस दर्ज करने की मांग की है।
जिला प्रशासन परिवार को शव लेने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन परिवार और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।
यह घटना न सिर्फ एक युवक की दर्दनाक मौत का मामला है, बल्कि समाज में अब भी गहराई तक मौजूद जातिगत भेदभाव और हिंसा की ओर इशारा करती है।
