प्रकाश आंबेडकर का आरोप: सिंधु जल संधि रद्द करने के दावे से जनता को गुमराह कर रही है मोदी सरकार

अहमदनगर: कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान की ओर बहने वाले सिंधु नदी के पानी को रोकने की घोषणा की थी। इस पर वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने गंभीर आरोप लगाया है कि यह घोषणा जनता को गुमराह करने वाली है। उन्होंने भारतीय अधिकारियों द्वारा पाकिस्तान को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पत्र में कहीं भी पानी बंद करने का उल्लेख नहीं है।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि पत्र में यह नहीं लिखा है कि भारत धरणों से पानी छोड़ना बंद करेगा, जिससे स्पष्ट होता है कि भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को रद्द नहीं किया है। उन्होंने इसे ‘नरोबा कुंजोबा’ और कानूनी भाषा में ‘स्टेटस क्वो’ बताया। उन्होंने मांग की कि सरकार यह पत्र जनता के सामने रखे ताकि सच्चाई सामने आ सके।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि फिलहाल सिर्फ पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर उन्हें देश से बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि बारिश के मौसम से पहले पानी रोकने के लिए क्या कोई व्यवस्था हो सकती है। उन्होंने कहा कि धरणों में जमा गाद हटाने और पानी को रोकने के लिए करीब दस साल का समय लगेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार जानती है कि वह तुरंत पानी नहीं रोक सकती, और इसी वजह से पाकिस्तान के नेता भारत को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने हमले से पहले ‘दो राष्ट्र सिद्धांत’ का भाषण दिया था, जिसकी जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसियों ने केंद्र सरकार को दी थी, लेकिन सरकार ने तब कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना तैयार है, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व में इच्छाशक्ति की कमी दिखाई देती है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 2 मई को हुतात्मा स्मारक के सामने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया जाएगा।
