“आतंकवाद का इस्लाम से कोई संबंध नहीं : खान एजाज़ अहमद का बड़ा बयान”

प्रसिद्ध वृत्तपत्र खासदार टाईम्स के मुख्य संपादक और CMBC प्लेटफॉर्म के डायरेक्टर खान एजाज़ अहमद ने एक सशक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि आतंकवाद का इस्लाम धर्म से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुछ कट्टरपंथी मानसिकता के लोग समाज में नफरत फैलाने के इरादे से आतंकी हमलों को इस्लाम से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इस्लाम शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है।
खान एजाज़ अहमद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की नफरत फैलाने वाली साजिशों के खिलाफ समाज को जागरूक और एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता बल्कि यह एक वैश्विक समस्या है, जिसे राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म से जोड़ना गलत है।
लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी शुरू
खान एजाज़ अहमद आने वाले लोकसभा चुनाव 2029 के एक लोकप्रिय उम्मीदवार भी हैं। उन्होंने अब से ही चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। उनकी चुनावी रणनीति पूरी तरह से पारंपरिक राजनीति से अलग है। उनकी संकल्पना में ईमानदारी, इंसानियत, धर्मनिरपेक्षता और पारदर्शिता को प्रमुख आधार बनाया गया है।
उनकी अनोखी पहल में शामिल है —
- बिना भव्य प्रचार और बिना अनावश्यक खर्च के चुनाव लड़ना।
- केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि समाज सेवा के संकल्प के साथ राजनीति करना।
- हारने वाले योग्य और काबिल उम्मीदवारों को भी साथ लेकर चलना।
- उन उम्मीदवारों के चुनावी घोषणापत्रों को आधार बनाकर सरकार से विकास कार्य करवाना।
उनका मानना है कि राजनीति में ईमानदार और समाजसेवी व्यक्तियों की भूमिका को बढ़ावा देने से लोकतंत्र मजबूत होगा और जनता को असली विकास का लाभ मिलेगा।
नफरत की राजनीति पर कड़ा प्रहार
खान एजाज़ अहमद ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में कहा कि ऐसे दुखद घटनाओं के बाद कुछ तत्व जानबूझकर नफरत का माहौल बनाते हैं, जिससे समाज में तनाव फैलता है। उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि नफरत की राजनीति पर तुरंत लगाम लगानी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस हमले के बाद आखिर किसे फायदा हो रहा है और असली निशाना कौन है? उन्होंने कहा कि इस पर गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष लोगों को बिना वजह निशाना न बनाया जाए।
आह्वान
खान एजाज़ अहमद ने देशवासियों से अपील की कि वे आतंकवाद जैसी समस्याओं का मुकाबला आपसी भाईचारे और एकता के साथ करें। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और सांप्रदायिक सौहार्द है, जिसे किसी भी हालत में कमजोर नहीं होने देना चाहिए।
