बेटी को ज़िंदा करने के लिए मां ने खुदवाई कब्र! अंधविश्वास में डूबी खौफनाक साजिश का खुलासा

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को ही नहीं, पुलिस को भी हैरान कर दिया है। पटहेरवा थाना क्षेत्र के सहदौली गांव में 10 साल की बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने सामान्य रूप से उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। लेकिन तीन दिन बाद कब्र खाली मिली और लाश गायब थी।
इस रहस्यमयी घटना का राज तब खुला, जब 16 दिन की खोजबीन के बाद गांव से महज 100 मीटर दूर झाड़ियों में बच्ची की लाश मिली। हैरानी की बात ये थी कि लाश के पास एक बुर्का और साड़ी भी पड़ी थी, जिससे तंत्र-मंत्र की आशंका और गहराने लगी।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस को जो सच पता चला, उसने सबको सन्न कर दिया। खुद मृत बच्ची की मां जुबैदा खातून, बहन सुबैदा, रिश्तेदार सुगनु खान और तबारक ने मिलकर रात के अंधेरे में कब्र खोदकर बच्ची की लाश बाहर निकाली थी। इनका मानना था कि काले जादू से बच्ची को फिर से ज़िंदा किया जा सकता है। लेकिन डर के चलते वे लाश को पास की झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।
अंधविश्वास ने एक मां को अपराधी बना दिया — जो घटना एक शोक के साथ खत्म होनी थी, वो अंधविश्वास और काले जादू की दीवानगी में बदलकर खौफनाक मोड़ ले गई।
फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है — क्या आज भी भारत में अंधविश्वास इतना गहरा है कि एक मां अपनी ही बेटी की कब्र खोद दे?
क्या सिर्फ दर्द था या उम्मीद ने करवाया पाप?
सच्चाई जो भी हो, पर इस घटना ने इंसानियत और अंधश्रद्धा के बीच एक खतरनाक संघर्ष को उजागर कर दिया है।
