महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव जल्द, दिसंबर–जनवरी में हो सकते हैं – चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे

महाराष्ट्र की कई महत्वपूर्ण महानगरपालिकाओं, नगर परिषदों, नगरपालिका और जिला परिषदों का कार्यकाल खत्म हुए तीन से चार साल बीत चुके हैं। ओबीसी आरक्षण और प्रभाग रचना (वार्ड डीलिमिटेशन) की प्रक्रिया के कारण यह चुनाव लगातार टलते आ रहे थे। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के 28% ओबीसी आरक्षण के साथ नई प्रभाग रचना के अनुसार चुनाव करवाने के निर्देश के बाद चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने मंगलवार को नाशिक में मीडिया से बातचीत में कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी यह तय नहीं है कि पहले चुनाव नगर पालिका, महापालिका या जिला परिषद का होगा। चुनाव टप्पों (फेज) में होंगे और इसमें उपलब्ध मानव संसाधनों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी।
वीवीपैट मशीनों का उपयोग नहीं होगा
राज्य चुनाव आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इन चुनावों में VVPAT (वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में बहु-सीट वाले वार्ड होते हैं, जिनमें एक से अधिक उम्मीदवारों को चुनना होता है। इस वजह से मतगणना प्रक्रिया अलग होती है और VVPAT का उपयोग संभव नहीं है। यह प्रणाली सिर्फ एक सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों में ही उपयुक्त रहती है।
महाराष्ट्र में कितनी संस्थाओं के चुनाव लंबित?
- कुल स्थानीय स्वराज्य संस्थाएं: 687
- महानगरपालिकाएं: 29
- नगरपालिकाएं और नगरपरिषदें: लगभग 241
- जिला परिषदें: 25
राज्य में ये सभी संस्थाएं चुनाव का इंतजार कर रही हैं। संभावना है कि यह चुनाव दो या तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे।
जनता को अब चुनावी प्रक्रिया के सक्रिय होने का इंतजार है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था को चुनी हुई प्रतिनिधि शक्ति दोबारा मिल सके।
