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महाराष्ट्र: विवादों में घिरी महायुति सरकार में हो सकती है ‘सर्जरी’, कई मंत्रियों की छुट्टी तय, कुछ नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं

महाराष्ट्र की महायुति सरकार इन दिनों अपने मंत्रियों के विवादों और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। इससे सरकार की साख पर बुरा असर पड़ा है और अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जल्द ही मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, सरकार की गिरती छवि को सुधारने और विपक्ष के हमलों से बचाव के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ लगभग 25 मिनट तक चर्चा की, साथ ही जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर जैसे वरिष्ठ नेताओं से भी मार्गदर्शन लिया।

विवादों में घिरे मंत्री

राज्य मंत्रिमंडल के कई मंत्री इस समय विवादों में फंसे हुए हैं। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे लगातार विवादास्पद बयानों के कारण आलोचनाओं में रहे हैं। हाल ही में उनका ताश खेलते हुए वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उन्होंने अपनी ही सरकार को “भिखारी” कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया।

शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्री संजय शिरसाट होटल सौदे और नकदी से भरे बैग के वीडियो के चलते सुर्खियों में हैं। वहीं, मंत्री संजय राठोड पर पैसे लेकर नौकरी देने के आरोप हैं। इसके अलावा मंत्री भरत गोगावले, दादा भुसे, विधायक संजय गायकवाड और गोपीचंद पडलकर पर भी विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

कयास लगाए जा रहे हैं कि इन हालातों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करीब 8 मंत्रियों की छुट्टी कर सकते हैं और कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।

किन्हें मिल सकती है जगह?

बताया जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है, जबकि बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय बांगर ने सार्वजनिक रूप से स्वास्थ्य मंत्री बनने की इच्छा जताई है।

बीजेपी ने किया खंडन

इन सभी अटकलों के बीच महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने स्पष्ट किया है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल की खबरें सिर्फ एक फेक नैरेटिव हैं। उन्होंने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि पार्टी में किसी तरह का असंतोष नहीं है और सरकार स्थिर है।

अब देखना ये है कि फडणवीस वास्तव में कोई बड़ा कदम उठाते हैं या इन अटकलों पर सिर्फ विराम लगाया जाता है। लेकिन मौजूदा माहौल में सरकार पर विश्वास बहाल करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाना जरूरी माना जा रहा है।

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