‘लाडकी बहन’ योजना में बड़ा घोटाला, 50,000 से ज्यादा लाडली बहनें अपात्र घोषित

लाडकी बहन योजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार गड़बड़ियों की खबरें सामने आ रही हैं। पहले 14 हजार पुरुषों द्वारा योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया, फिर 9 हजार से अधिक महिला सरकारी कर्मचारियों ने भी इस योजना का अनुचित लाभ उठाया। अब एक और बड़ी अपडेट आई है, जो रक्षाबंधन से पहले हजारों बहनों के लिए झटका साबित हो सकती है।
रत्नागिरी जिले में 50,476 महिलाओं को अपात्र ठहराते हुए योजना से बाहर कर दिया गया है। जिले में कुल 1,08,886 महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन लगभग आधे आवेदकों की पात्रता पर सवाल खड़े हो गए।
प्रशासन ने दो चरणों में जांच कर यह कार्रवाई की।
- पहले चरण में कई महिलाओं के नौकरी या व्यवसाय में सक्रिय होने की जानकारी सामने आई।
- दूसरे चरण में 5,421 और महिलाओं को अपात्र घोषित कर सूची से हटा दिया गया।
सरकार के नियमानुसार, जो महिलाएं सरकारी नौकरी, व्यवसाय में हैं या पढ़ाई कर रही हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं ने लाभ लेने का प्रयास किया, जिससे योजना की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
तालुका वार अपात्र महिलाओं की संख्या इस प्रकार है:
- रत्नागिरी – 878
- दापोली – 812
- खेड – 808
- गुहागर – 558
- मंडणगड – 555
- लांजा – 498
- संगमेश्वर – 462
- राजापूर – 449
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से सख्त पुनःजांच की जा रही है। हालांकि, एक ही जिले में इतनी बड़ी संख्या में अपात्र महिलाएं सामने आना योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
विपक्ष का आरोप है कि इस योजना को विधानसभा में जल्दबाजी में लागू किया गया, और अब भारी संख्या में महिलाओं को अपात्र कर दिया जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि इन महिलाओं के साथ अब क्या किया जाएगा?
इस बीच, जुलाई महीने की किस्त अभी तक जारी नहीं हुई है। सरकार ने घोषणा की है कि 8 अगस्त को 1,500 रुपये की किस्त महिलाओं के खातों में जमा की जाएगी, लेकिन जिन महिलाओं का नाम अपात्र सूची में आ गया है, उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा।
अगर आप भी इस योजना में लाभार्थी हैं, तो लाडकी बहन योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम जरूर चेक करें। लॉगिन कर के सूची में अपना नाम देखकर ही यह सुनिश्चित करें कि आपको योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।
