Breaking NewsMaharashtraPolitics

लाडकी बहन योजना में बड़ा घोटाला: 8,214 महिला सरकारी कर्मचारियों ने उठाया गलत फायदा, जांच के घेरे में आईं हजारों लाभार्थी महिलाएं

महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहन योजना अब एक बड़े घोटाले की कहानी बनती जा रही है। योजना के उद्देश्य उन जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक मदद देना था, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है। लेकिन अब सरकार की जांच में यह सामने आया है कि इस योजना का गलत फायदा कई अयोग्य लोगों ने भी उठाया — जिनमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 8,214 महिला सरकारी कर्मचारी भी योजना की लाभार्थी निकलीं

सरकारी महिला कर्मचारियों ने नियमों को किया नजरअंदाज
जांच में सामने आया है कि इन महिला कर्मचारियों ने करीब 8 से 10 महीने तक योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि ली, जबकि नियमों के अनुसार वे इस योजना के लिए पात्र नहीं थीं। ये महिलाएं सरकारी सेवा में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी हैं। इसके अलावा 1,000 से ज्यादा सेवानिवृत्त महिला सरकारी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ लेती पाई गईं।

पहले लाडले भाइयों ने किया था फर्जीवाड़ा
इससे पहले भी योजना में 14,000 से ज्यादा पुरुषों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए महिला बनकर पैसे लेने का मामला सामने आया था, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ।

कार्रवाई की मांग तेज
अब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई इस जांच के बाद यह मांग उठ रही है कि इन महिला कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो। मंत्री आदिती तटकरे ने कहा है कि इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बैठक के बाद लिया जाएगा

सरकार ने की थी पहले भी छंटनी
पहले से ही सरकार ने उन महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया था जिनके पास टू-व्हीलर है, टैक्स रिटर्न फाइल करती हैं या जो अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही हैं। इसके बावजूद अब यह खुलासा सामने आना कि सरकारी कर्मचारी महिलाएं भी योजना का अनुचित लाभ ले रही थीं, सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

अब क्या होगा?
लोगों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि जो महिलाएं पहले से ही नौकरी में हैं, वे इस योजना का लाभ ले रही हैं, जबकि असली जरूरतमंद महिलाएं अभी भी योजना से वंचित हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इनसे पैसे वसूल करेगी या इन पर कानूनी कार्रवाई होगी।

यह घोटाला न केवल सरकारी तंत्र की लापरवाही को उजागर करता है बल्कि सामाजिक न्याय की अवधारणा पर भी सवाल खड़ा करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button