महाराष्ट्र में नया राजनीतिक गठबंधन: शिवसेना (शिंदे गुट) और रिपब्लिकन सेना की साझेदारी का ऐलान

मुंबई – महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और रिपब्लिकन सेना के प्रमुख आनंदराव आंबेडकर ने एक ऐतिहासिक गठबंधन की औपचारिक घोषणा की है। यह घोषणा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की गई, जिसमें दोनों नेताओं ने ‘भीम शक्ति और शिव शक्ति’ के पुराने नारे को नए सिरे से जीवंत करने का संकल्प जताया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर के छोटे भाई आनंदराव आंबेडकर द्वारा रिपब्लिकन सेना और शिवसेना (शिंदे गुट) के इस गठबंधन को आगामी स्थानीय निकाय और विशेषकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीतिक गठबंधन मराठी वोट बैंक के संभावित ध्रुवीकरण को रोकने की कोशिश हो सकती है, जो राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के संभावित नजदीकियों के कारण प्रभावित हो सकता है।
यह गठबंधन जहां एक ओर दलित और वंचित तबकों में शिवसेना (शिंदे गुट) की पैठ मजबूत करेगा, वहीं रिपब्लिकन सेना को भी एक व्यापक राजनीतिक मंच पर स्थापित करने का अवसर देगा। इसे आंबेडकरवादी विचारधारा और शिवसेना की पारंपरिक मराठी पहचान के मेल के रूप में देखा जा रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह नई साझेदारी महाराष्ट्र के आगामी चुनावी समीकरणों को किस प्रकार प्रभावित करेगी और क्या यह दलित-मराठी एकता राज्य की राजनीति में कोई नया अध्याय लिखेगी।
