औरंगाबाद शहर में फिर चलेगा बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की तैयारी, नगरसेवकों की दखल पर सदस्यता रद्द होने का अलर्ट

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद में महापालिका चुनाव संपन्न होने के बाद परिणाम घोषित हो चुके हैं। इसके बाद महापालिका प्रशासन ने न्यायालय के आदेश, नियमों और सर्वेक्षण के आधार पर शहर के प्रमुख 8 सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्णय लिया है। सड़क पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यदि इस अतिक्रमण कार्रवाई में किसी नगरसेवक या उनके रिश्तेदारों द्वारा बाधा उत्पन्न की जाती है, तो संबंधित नगरसेवक का पद रद्द करने की सिफारिश शासन को भेजी जाएगी, ऐसा सख्त इशारा महापालिका प्रशासन ने दिया है।
सोमवार को महापालिका प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कार्रवाई से आठ दिन पहले सूचना दी जाएगी और पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक बंदोबस्त उपलब्ध कराया जाएगा।
गत वर्ष जून-जुलाई महीने में शहर में बड़े पैमाने पर सड़क चौड़ीकरण अभियान चलाया गया था, जिसमें पांच हजार से अधिक संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया था। अब एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की बड़ी मुहिम शुरू की जा रही है। 200 फीट चौड़ी सड़कों के निर्माण के लिए महापालिका को लगभग 3,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जिसके लिए शासन से निधि की मांग की गई है। महापालिका आयुक्त जी. श्रीकांत ने सोमवार की बैठक के बाद स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण अभियान रुका नहीं है और आने वाले कुछ दिनों में आठ प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जाएगा।
महानगरपालिका चुनाव के कारण सड़क चौड़ीकरण अभियान को अस्थायी रूप से रोका गया था। अब 29 प्रभागों से 115 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं। 10 फरवरी को शहर को नया महापौर और उपमहापौर मिलेगा।
सोमवार को महापालिका आयुक्त जी. श्रीकांत ने विभाग प्रमुखों की बैठक ली। इस बैठक में पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर और रत्नाकर नवले उपस्थित थे। शहर के आठ डीपी (डेवलपमेंट प्लान) सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके लिए नियमावली तय की गई है। सड़क चौड़ीकरण से पहले टोटल स्टेशन सर्वे (प्रभावित संपत्तियों का नक्शा) किया जाएगा। संपत्ति धारकों को नोटिस जारी की जाएगी और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। कार्रवाई से पहले संबंधित जोन अधिकारी, पुलिस उपायुक्त और पुलिस निरीक्षक द्वारा सड़कों का निरीक्षण किया जाएगा। तीनों की सहमति के बाद पूरी कार्रवाई का वीडियोग्राफी के साथ संचालन होगा।
अतिक्रमण हटाने के दौरान यदि कोई नगरसेवक या उनके रिश्तेदार बाधा उत्पन्न करते हैं, तो महापालिका अधिनियम 1(10)(अ)(डॉ) के तहत उनका सदस्यत्व रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। अनधिकृत निर्माण किसी का भी हो, उसे हटाया जाएगा।
इन 8 प्रमुख सड़कों पर होगी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई :
- हर्सुल टी-पॉइंट से सावंगी
- दिल्ली गेट से हर्सुल टी-पॉइंट
- चंपा चौक से जालना रोड
- पैठण रोड से विधि विश्वविद्यालय
- सेवन हिल से भाजीवाली बाई पुतला
- रेणुका माता परिसर
- सातारा
- कांचनवाड़ी गट-42, नक्षत्रवाड़ी से धुळे–सोलापुर हाइवे
