बनमेरू विज्ञान महाविद्यालय में रोजगारोन्मुख कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन

लोणार/फिरदोस खान पठाण
लोणार: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग में अत्यंत महत्वपूर्ण तथा आईटी क्षेत्र में व्यापक रोजगार अवसर प्रदान करने वाले Artificial Intelligence (AI), Internet of Things (IoT) और Robotics जैसे आधुनिक विषयों पर कै. कु. दुर्गा क. बनमेरू विज्ञान महाविद्यालय, लोणार तथा कै. कमलाबाई बनमेरू महिला महाविद्यालय, लोणार के संयुक्त तत्वावधान में विशेष पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला श्रृंखला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं रोजगारोन्मुख कौशल वृद्धि के उद्देश्य से 40 घंटे की इंटर्नशिप को बनमेरू विज्ञान महाविद्यालय, लोणार में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। यह प्रशिक्षण दिनांक 27 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित हुआ।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रकाश बनमेरू ने की। उद्घाटक के रूप में अमृत सेवाभावी संस्था के सचिव डॉ. संतोष बनमेरू उपस्थित रहे। वहीं PHN टेक्नॉलॉजी प्रायव्हेट लिमिटेड के श्री श्रीकांत दायमा एवं श्री स्वप्नील चव्हाण ने तज्ज्ञ प्रशिक्षक के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

पाँच दिनों की अवधि में महाविद्यालय के सुसज्ज एवं अत्याधुनिक संगणकशास्त्र विभाग में लगभग 200 विद्यार्थियों को AI, IoT एवं Robotics पर प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रारंभ में प्रशिक्षकों ने PPT के माध्यम से प्रशिक्षण की रूपरेखा, उद्देश्य एवं उपयोग को विस्तार से समझाया।
इस संपूर्ण कार्यशाला के सफल आयोजन में प्राचार्य डॉ. प्रकाश बनमेरू के मार्गदर्शन में प्रा. शारिक शेख एवं प्रा. डॉ. सौरभ गायकवाड़ ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
PHN टेक्नॉलॉजी प्रा. लि., पुणे की ओर से विद्यार्थियों को माइक्रोप्रोसेसर, माइक्रोकंट्रोलर, LDR, विभिन्न सेंसर एवं RGB मॉड्यूल सहित किट प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने इन किट्स का उपयोग कर स्वयं प्रोग्राम विकसित किए और प्रयोगात्मक रूप से उनके कार्य को प्रदर्शित किया।
चार दिवसीय ‘हैंड्स-ऑन’ सत्रों में ESP8266 माइक्रोकंट्रोलर एवं विभिन्न सेंसरों की सहायता से एम्बेडेड सिस्टम्स का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया। रियल-टाइम सेंसिंग, डेटा मॉनिटरिंग एवं ऑटोमेशन की अवधारणाएँ प्रयोगों के माध्यम से स्पष्ट की गईं।
एक परियोजना में अल्ट्रासोनिक सेंसर, RGB LED एवं ESP8266 की मदद से वस्तु की दूरी मापने तथा उसी के अनुसार प्रकाश संकेत देने वाली प्रणाली विकसित की गई। दूरी के अनुसार RGB LED विभिन्न रंगों में प्रकाशित होती थी और डेटा सीधे कंप्यूटर पर प्रदर्शित किया जाता था। इससे पार्किंग असिस्टेंस एवं बाधा पहचान प्रणाली जैसे व्यावहारिक उपयोगों को समझाया गया।
दूसरी परियोजना में LDR, RGB LED एवं ESP8266 के माध्यम से परिवेश की प्रकाश तीव्रता का निरीक्षण करने वाली स्वचालित प्रणाली तैयार की गई, जिसमें अंधेरे में लाल और उजाले में हरी रोशनी प्रज्वलित होती थी। इसके उपयोग स्मार्ट होम लाइटिंग, स्वचालित स्ट्रीट लाइट्स एवं ऊर्जा बचत प्रणालियों में समझाए गए।
इन परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को IoT एवं एम्बेडेड सिस्टम्स का अनुभवात्मक ज्ञान प्राप्त हुआ। सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक कौशल जुड़ने से ज्ञान और कौशल के बीच की खाई सफलतापूर्वक पाटी गई। अमृत सेवाभावी संस्था, परभणी की अध्यक्षा मान. सौ. उषाताई गोले ने इस कौशल विकास आधारित पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उपक्रम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं।
