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जगप्रसिद्ध लोणार सरोवर के तट पर स्कूली विद्यार्थियों के साथ मनाया गया विश्व आर्द्रभूमि दिवस

लोणार/फिरदोस खान पठाण

लोणार: रामसर साइट के रूप में मान्यता प्राप्त लोणार सरोवर के तट पर ‘मी लोणारकर’ टीम एवं अकोला वन्यजीव वन विभाग, अकोला के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आर्द्रभूमि दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7:30 बजे पक्षी निरीक्षण, सरोवर भ्रमण एवं स्वच्छता अभियान से हुई। इस दौरान पाणथळ (आर्द्रभूमि) क्षेत्रों और पक्षियों की जानकारी महाराष्ट्र पक्षी मित्र के जिला समन्वयक एवं ‘मी लोणारकर’ टीम के सचिन कापुरे ने विद्यार्थियों को दी।

आर्द्रभूमि के महत्व पर संतोष जाधव ने मार्गदर्शन किया, जबकि स्वच्छता के महत्व के बारे में लोणार रेंज ऑफिसर, वन्यजीव विभाग के अधिकारी मनोज रामटेके ने विद्यार्थियों को जानकारी दी।

इस कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल हाईस्कूल के शिक्षकवृंद के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। साथ ही ‘मी लोणारकर’ टीम के विलास जाधव, उमेद चिपडे, सर्पमित्र विनय कुलकर्णी, कमलेश आगरकर, प्रकाश सानप, वनपाल सदाशिव वाघ, वनरक्षक पोले, ठाकरे तथा लोणार वन्यजीव विभाग के समस्त कर्मचारी भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि लोणार सरोवर महाराष्ट्र का दूसरा तथा देश का 41वां रामसर स्थल है। जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों जैसे झीलें, नदियाँ, खाड़ियाँ, दलदली क्षेत्र एवं सरोवरों के संरक्षण के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 के लिए इस दिवस की थीम “आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव” रखी गई है।

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