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अंबिका मार्केट प्रकरण में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ से बड़ी अंतरिम राहत

16 फरवरी 2026 तक किसी भी दमनात्मक कार्रवाई पर स्पष्ट रोक

जालना / कादरी हुसैन

16 फरवरी को शपथपत्र दाखिल कर स्टे हटाने का प्रयास करेंगे, नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि: अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम

अंबिका मार्केट प्रकरण में दुकानदारों और संबंधित पक्षकारों को बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। माननीय न्यायमूर्ति एस. जी. चापलगांवकर ने रिट याचिका क्रमांक 1139/2026 (आकाश कैलाशचंद्र अग्रवाल व अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) में आदेश पारित करते हुए 16 फरवरी 2026 तक किसी भी प्रकार की दमनात्मक अथवा जबरन कार्रवाई पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश 30 जनवरी 2026 को पारित किया गया।

प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए मामले को 16 फरवरी 2026 के लिए प्रत्यावर्तनीय (रिटर्नेबल) रखा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित शासकीय अभियोक्ता एस. डी. घायाल ने प्रतिवादी क्रमांक 1 से 4 की ओर से नोटिस सेवा से छूट स्वीकार की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता गिरिश के. नाइक ठिगले ने न्यायालय में प्रभावी पक्ष रखा।

न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता प्रतिवादी क्रमांक 5 को न्यायालयीन सेवा के अतिरिक्त कानूनन अनुमत माध्यमों से नोटिस की सेवा करें और अगली सुनवाई से पहले सेवा का शपथपत्र (सर्विस एफिडेविट) दाखिल करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय तक प्रतिवादी क्रमांक 5 को नोटिस की सेवा नहीं होती है, तो दी गई अंतरिम राहत स्वतः समाप्त मानी जाएगी। न्यायालय ने हैमडस्ट (तत्काल प्रमाणित प्रति) की अनुमति भी प्रदान की है।


02 फरवरी को सीलिंग कार्रवाई रुकी

इस प्रकरण से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम 02 फरवरी 2026 को सामने आया, जब जालना नगर निगम का प्रशासनिक दल पुलिस संरक्षण के साथ अंबिका मार्केट में दुकानों को सील करने पहुंचा। यह कार्रवाई नगर निगम के आदेशों और लंबित मामले के संदर्भ में की जा रही थी।

हालांकि, मौके पर ही दुकानदारों व मार्केट मालिकों ने हाईकोर्ट से प्राप्त स्थगन आदेश प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। स्टे ऑर्डर दिखाते ही प्रस्तावित सीलिंग सहित आगे की पूरी कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोक दी गई।

यह कार्रवाई अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम, उपायुक्त नंदा गायकवाड और सहायक आयुक्त सुप्रिया चव्हाण के नेतृत्व में की जा रही थी। मौके पर अतिक्रमण निर्मूलन पथक, स्वच्छता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और महिला सफाई कर्मचारी भी उपस्थित थे, लेकिन न्यायालयीन आदेश के कारण पूरी प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी।


“स्टे हटाने के लिए 16 फरवरी को शपथपत्र”

इस संबंध में अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम ने कहा,
“हम 16 फरवरी को न्यायालय में शपथपत्र दाखिल कर अंतरिम स्टे हटाने का प्रयास करेंगे। नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा करना प्रशासन का कर्तव्य है और आगे की सभी कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुसार ही की जाएगी।”


फिलहाल, बॉम्बे हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश और 02 फरवरी 2026 को प्रस्तुत स्टे के चलते अंबिका मार्केट में किसी भी प्रकार की सीलिंग या कठोर प्रशासनिक कार्रवाई संभव नहीं होगी। अब पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी दिशा 16 फरवरी 2026 को होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी।

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