किसानों पर खेला जा रहा है खेल, सपकाळ ने सरकार को दी सख्त चेतावनी –ओला सूखा घोषित न किया तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को राज्य में घूमने नहीं देंगे

जालना / कादरी हुसैन
राज्य में लगातार हो रही अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों व जमीन का भारी नुकसान हुआ है। लेकिन सरकार अब तक ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हुई है। केवल पंचनामा का दिखावा किया जा रहा है। यदि किसानों की मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया, तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को महाराष्ट्र की धरती पर घूमने नहीं दिया जाएगा। यह कड़ा इशारा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने 25 सितंबर 2025 को जालना स्थित सांसद डॉ. कल्याण काळे के संपर्क कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में किया।

सुबह सपकाळ ने पैठण और अंबड तालुकों का दौरा कर किसानों की बदहाली का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। मंत्री और उपमुख्यमंत्री केवल फोटोशूट करने खेतों में जाते हैं, लेकिन राहत पहुंचाने के नाम पर कुछ भी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को ठगने वाली इस सरकार का जनता को विरोध करना चाहिए।

सपकाळ ने मांग रखी कि राज्य में तुरंत ओला सूखा घोषित किया जाए। किसानों पर कर्ज का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए और तत्काल कर्जमाफी की जाए। पंचनामा की औपचारिकता छोड़कर सीधे आर्थिक मदद दी जाए। दशहरे से पहले किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये दिए जाएं, जिनकी जमीन बह गई है उन्हें प्रति एकड़ 5 लाख रुपये मुआवजा मिले। साथ ही सरकार किसानों को मुफ्त बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा कि राज्य के 300 से अधिक तालुकों में औसत से तीन गुना बारिश हुई है। लाखों हेक्टेयर फसल और जमीन तबाह हो गई है, लेकिन अब तक सरकार ने ओला सूखा घोषित नहीं किया। इसके साथ ही उन्होंने फसल बीमा योजना में हुए घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिंदे सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, फसल बीमा के नाम पर किसानों को ठगा गया और आज भी अधिकांश किसानों को बीमा की राशि नहीं मिली है।

इस मौके पर सांसद डॉ. कल्याण काळे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख, शहराध्यक्ष अतिक खान, राजेंद्र राख, कल्याण दळे सहित तालुका अध्यक्ष और अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
