अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष (AHTU) जालना की सराहनीय कार्रवाई — लापता नाबालिग लड़की और आरोपी को पुणे से किया गिरफ्तार

जालना/कादरी हुसैन
जालना जिले के अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष (AHTU) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए वर्ष 2024 में तिर्थपुरी से लापता हुई नाबालिग लड़की और उसे बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी का सफलतापूर्वक पता लगाया है।
मामला 22 अप्रैल 2024 का है, जब तिर्थपुरी पुलिस थाने में रतनपुर, विजयनगर (जिला बलरामपुर, उत्तर प्रदेश) निवासी एक युवक के खिलाफ नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने का मामला दर्ज किया गया था। भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के अंतर्गत अपराध दर्ज होने के बावजूद, लंबे समय तक न तो आरोपी का सुराग मिला और न ही पीड़िता का।
इस पर माननीय पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार बंसल के आदेशानुसार, मामले की आगे की जांच अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष (AHTU) जालना को सौंपी गई। जांच के दौरान AHTU टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूत्रों की मदद से जानकारी एकत्र की। प्राप्त सूचनाओं से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी और पीड़िता पुणे में रह रहे हैं। इसके बाद विशेष टीम ने पुणे जिले के मुळशी तालुका के लव्हाळे गांव में छापा मारकर दोनों को हिरासत में लिया।
पीड़िता और आरोपी को आगे की कानूनी कार्यवाही हेतु तिर्थपुरी पुलिस थाने के सुपुर्द किया गया।
यह सफल कार्रवाई मा. पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार बंसल, मा. अपर पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपाणी, उपविभागीय पोलीस अधिकारी श्री अनंत कुलकर्णी तथा पुलिस निरीक्षक श्री पंकज जाधव (स्थागुशा) के मार्गदर्शन में की गई।
इस सराहनीय कार्य में प्रमुख भूमिका निभाने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी थे —
AHTU प्रभारी अधिकारी: दिपाली शिंदे
पोलीस उपनिरीक्षक: रविंद्र जोशी, संजय गवळी
पोहेकॉ: कृष्णा देठे, सागर बावीस्कर (स्थागुशा)
महिला अंमलदार: संगिता चव्हाण, पुष्पा खरटमल, आरती साबळे, रेणुका राठोड
चालक पोलीस अंमलदार: संजय कुलकर्णी
अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष की यह कार्रवाई पुलिस विभाग की संवेदनशीलता, दक्षता और त्वरित कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस टीम के प्रयासों से एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित वापस लाया गया, जिससे समाज में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
