जालना पुलिस पर गंभीर आरोप — आरोपी को संरक्षण देने में पुलिस निरीक्षक संतोष साबळे की भूमिका संदिग्ध, मुख्यमंत्री फडणवीस से उच्चस्तरीय जांच की मांग

जालना/कादरी हुसैन
जालना तालुका पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक और संबंधित मामले के जांच अधिकारी संतोष साबळे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने एक बड़े धोखाधड़ी प्रकरण में आरोपी को खुला संरक्षण दिया और जांच को जानबूझकर कमजोर किया। इस संदर्भ में जालना के कन्हैयानगर निवासी विजय शंकरसिंग हजारी ने मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी शेख मुश्ताक शेख आमीर ने जालना शहर व ग्रामीण इलाकों में बोगस अकृषक आदेशों के माध्यम से हजारों गरीब नागरिकों से ठगी की। इस गंभीर प्रकरण में 22 जुलाई 2025 को सहनिबंधक कार्यालय की ओर से पुलिस को पत्र भेजा गया था, लेकिन जांच अधिकारी संतोष साबळे ने करीब ढाई महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। आखिरकार पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद 4 अक्टूबर 2025 को जालना तालुका पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
विजय हजारी के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम शहर में घूमता रहा और पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित अपने पेट्रोल पंप पर लगातार मौजूद रहा। इसके बावजूद पुलिस निरीक्षक साबळे ने उसे 26 दिनों तक गिरफ्तार नहीं किया।
आखिरकार 30 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आरोपी को अटकाया गया, लेकिन गिरफ्तारी के तुरंत बाद जांच अधिकारी ने उसे सीधे सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया और तीन दिनों तक वहीं रखा। 3 नवंबर को अदालत में पेशी के बाद आरोपी को तीन दिन की पुलिस कस्टडी दी गई, और 5 नवंबर को न्यायिक हिरासत का आदेश हुआ। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, संतोष साबळे ने आरोपी को जेल भेजने के बजाय फिर से अस्पताल में भर्ती करा दिया, जबकि इसके पीछे कोई ठोस चिकित्सा कारण नहीं बताया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इसी आरोपी को पहले एक समान धोखाधड़ी प्रकरण में जिला न्यायालय ने जमानत देने से इंकार कर दिया था, परंतु इस बार मात्र एक दिन में जमानत मंजूर कर दी गई — जिससे जांच अधिकारी की निष्पक्षता पर गहरे सवाल खड़े हो रहे हैं।
विजय हजारी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पुलिस निरीक्षक संतोष साबळे की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की जाए। उनका कहना है कि आरोपी को फरार घोषित करने के बावजूद वह हिंद नगर स्थित अपने कार्यालय और अंबड रोड के जय भारत पेट्रोल पंप पर खुलेआम मौजूद रहता था। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इन दोनों स्थानों के सीसीटीवी फुटेज जांचने से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
