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दक्षिण मध्य रेलवे और नांदेड़ विभाग के खिलाफ जालना में जोरदार प्रदर्शन, रेलवे संघर्ष समिति ने जताया आक्रोश

जालना/कादरी हुसैन

जालना रेलवे संघर्ष समिति की ओर से आज टीपू सुल्तान चौक पर दक्षिण मध्य रेलवे प्रशासन और नांदेड़ रेलवे विभाग के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया गया। समिति ने आरोप लगाया कि नांदेड़ रेलवे विभाग लगातार मराठवाड़ा क्षेत्र — विशेष रूप से जालना, परभणी और छत्रपती संभाजीनगर (औरंगाबाद) — के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जनशताब्दी और वंदे भारत जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के विस्तार की घोषणा हुए छह महीने से अधिक बीत चुके हैं, फिर भी जालना से मुंबई के लिए एक भी नई ट्रेन शुरू नहीं की गई। साथ ही बदनापूर रेलवे स्टेशन पर अब तक किसी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं दिया गया है।

समिति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हाल ही में रेलवे बोर्ड द्वारा 250 नई ट्रेनों की घोषणा की गई, लेकिन उनमें मराठवाड़ा की राजधानी संभाजीनगर और औद्योगिक शहर जालना को पूरी तरह नज़रअंदाज किया गया। इसे क्षेत्र के यात्रियों के साथ खुला अन्याय बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने “नई ट्रेनें शुरू करो”, “जालना स्टेशन का अपमान बंद करो” और “नांदेड़ विभाग प्रमुख प्रदीप कांबळे को हटाओ” जैसे नारे लगाए।

समिति का आरोप है कि विभाग प्रमुख प्रदीप कांबळे न केवल नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायतों और प्रतिनिधिमंडलों की बातों को भी गंभीरता से नहीं लेते। इस रवैये के कारण यात्रियों और स्थानीय संगठनों में गहरा रोष व्याप्त है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक और संबंधित सांसदों के नाम जिला अधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं —

  • जालना-अहमदाबाद और संभाजीनगर-बेंगलुरु के बीच नई ट्रेनें शुरू की जाएं।
  • नांदेड़-फिरोजपुर और हैदराबाद-जयपुर साप्ताहिक ट्रेनों की फेरे बढ़ाई जाएं।
  • मेहबूबनगर-राजकोट, कोयंबटूर-मदार जंक्शन और ओखा-मदुरै जैसी विशेष ट्रेनों में से कम से कम एक ट्रेन को संभाजीनगर-जालना-मनमाड़ मार्ग से चलाया जाए।

इस अवसर पर जालना रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र देविदास, कार्याध्यक्ष अंकुश राऊत, महासचिव फिरोज अली मौलाना, उपाध्यक्ष अशोक मिश्रा, सुखदेव बजाज, पदाधिकारी राजकुमार कुकड़े, हिरालाल पिपरी, शिवराम सत्कार, दिगंबर पेरे, सैयद मासूम, गोपाल भुरेवार, सुरेश सद्गुरु, ताज अहमद खान, धर्मा खिल्लारे, संतोष गाजरे और पांडुरंग उपस्थित थे।

बदनापूर समिति से अध्यक्ष सैयद सिकंदर अली, जाफर मियाँ, सैयद रफीक, नजीर इनामदार, राजेंद्र देशपांडे, संदीप पेरे, जोराजी, खुठे, ए.बी. शेख, अशफाक मिर्ज़ा और पप्पू कुलकर्णी सहित बड़ी संख्या में नागरिक और कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शन के अंत में समिति ने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र की उपेक्षा बंद नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा और राज्यभर में रेलवे प्रशासन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

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