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औरंगाबाद में 25 लाख की लूट का पर्दाफाश—पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ी पूरी गैंग

औरंगाबाद/प्रतिनिधि 

औरंगाबाद में बैंक कर्मचारी को लूटने वाली गैंग को पुलिस ने मात्र 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से सभी आरोपियों को पुलिस ने जाल में फँसा लिया। इस कार्रवाई के बाद जिले में पुलिस की सतर्कता और त्वरित गुनाह उजागर करने की क्षमता की सराहना हो रही है।

पैठण–पाचोड़ रोड पर बैंक कर्मचारी से 25 लाख रुपये की भारी भरकम नकदी लूटने की घटना से शहर में खलबली मच गई थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय गुन्हा शाखा ने मोर्चा संभाला और 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 31 लाख 56 हजार रुपये मूल्य का मुद्देमाल भी बरामद किया है, जिसमें लूट की रकम, कार और मोबाइल फोन शामिल हैं।

घटना कैसे हुई?
दावरवाड़ी (तालुका पैठण) स्थित जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के कर्मचारी गणेश आनंद पहलवान शनिवार सुबह एक शाखा से 25 लाख रुपये की नकदी स्कूटी पर लेकर दूसरी शाखा की ओर जा रहे थे। लगभग साढ़े 11 बजे पाचोड़–पैठण मार्ग पर दो अज्ञात युवक काले रंग की मोटरसाइकिल पर आए और उन्हें रोक लिया। दोनों ने मुंह ढक रखा था और कर्मचारी को धमकाकर पैसे से भरी बोरी छीनकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पाचोड़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. विनयकुमार राठोड़ ने स्थानीय गुन्हा शाखा को विशेष तपास की जिम्मेदारी सौंपी। निरीक्षक विजयसिंग राजपूत के नेतृत्व में पथक ने घटनास्थल और दोनों बैंक शाखाओं की गहन पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस की नजर भारत राजेंद्र रूपेकर (ननेगांव निवासी) पर गई। उसका घर दावरवाड़ी शाखा के पास होते हुए भी वह अचानक दूर स्थित पैठण शाखा में लेनदेन के लिए आया था, जबकि पिछले दो वर्षों में वह कभी वहां नहीं गया था। उसकी गुन्हेगारी पृष्ठभूमि भी सामने आई और पुलिस का शक और गहरा हुआ।

इसके बाद स्थानीय गुन्हा शाखा ने पैठण शहर के आसपास जाल बिछाया। भागने की तैयारी कर रहे चारों आरोपी—भारत रूपेकर, विष्णू बोधने, सचिन सोलाट और विशाल चांदणे को एमएच-20 एफयू-3379 नंबर की स्विफ्ट कार में पकड़ा गया।
उनके पास से लूट के 25 लाख रुपये, छह लाख की कार और आठ मोबाइल फोन—कुल 31 लाख 56 हजार रुपये का माल बरामद किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने आर्थिक कठिनाइयों के कारण यह अपराध करने की बात कबूल की।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. राठोड़ और अपर पुलिस अधीक्षक अन्नपूर्णा सिंह के मार्गदर्शन में की गई। निरीक्षक विजयसिंग राजपूत, उपनिरीक्षक संतोष मिसळे, पवन इंगळे, विठ्ठल डोके, विष्णू गायकवाड, शिवानंद बनगे, अनिल चव्हाण, अशोक वाघ, राहुल गायकवाड, अनिल काळे, सनि. खरात, योगेश तरमाळे और जिवन घोलप ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आगे की जांच पाचोड़ पुलिस थाने के सपोनि सचिन पंडीत कर रहे हैं।

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