मासूम बच्ची पर अत्याचार के विरोध में छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा से मामा चौक तक सकल हिंदू समाज की ओर से विरोध मार्च

जालना/कादरी हुसैन
आज दिनांक 30 रविवार को दोपहर बारह बजे मिली जानकारी अनुसार, डोंगराले की मासूम बच्ची पर हुए अत्याचार और हत्या के विरोध में जालना शहर में सकल हिंदू समाज के साथ-साथ समस्त स्वर्णकार समाज जालना की ओर से मूक मोर्चा (मौन मार्च) निकाला गया था।
मालेगाँव तहसील के डोंगराले गाँव में हुई मानवता को शर्मसार करने वाली घटना के विरोध में जालना शहर में आज मूक मोर्चा निकाला गया। एक विकृत, राक्षसी प्रवृत्ति के नरपिशाच ने केवल तीन साल की मासूम बच्ची के साथ लैंगिक अत्याचार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी, इस घटना से हर जगह गुस्से की लहर दौड़ गई है। दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर फाँसी की सज़ा दी जाए, साथ ही इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगे, इन मांगों को लेकर सकल हिंदू समाज और समस्त स्वर्णकार समाज जालना की ओर से इस मूक मोर्चा का आयोजन किया गया था।

मालेगाँव तहसील के डोंगराले गाँव में कुछ दिनों पहले हुई एक मासूम बच्ची के बलात्कार और हत्या की घटना अभी भी सभी के मन को झकझोर रही है। सामने आई जानकारी के अनुसार, विकृत मानसिकता के एक दरिंदे ने केवल तीन साल की निर्दोष बच्ची के साथ बलात्कार कर उसके चेहरे पर पत्थर मारकर उसकी नृशंस हत्या कर दी। इस अमानवीय कृत्य के विरोध में जालना सहित पूरे ज़िले में रोष व्याप्त है और आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर फाँसी की सज़ा देने की मांग ज़ोर पकड़ रही है।

इस पृष्ठभूमि पर, सकल हिंदू समाज और समस्त स्वर्णकार समाज जालना की पहल पर, दिनांक 30 नवंबर 2025, रविवार को सुबह 10:30 बजे के आस-पास जालना शहर में शांतिपूर्ण मूक मोर्चा का आयोजन किया गया था। “न्याय मिलना ही चाहिए” के नारे के साथ हो रहे इस मूक मोर्चा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, महिला संगठनों, छात्रों, व्यापारियों, राजनीति के पदाधिकारियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर इस घटना का विरोध व्यक्त किया है।
इस मार्च के माध्यम से सर्वसम्मति से यह मांग की गई कि यह घटना दोबारा किसी के साथ न हो, बलात्कार जैसे अपराधों के लिए कठोर सज़ा मिले और बाल यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएं।
छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक से शुरू हुआ यह मोर्चा काद्राबाद चौक, सराफा बाजार, फुल बाजार, सावरकर चौक, मामा चौक से होते हुए मामा चौक पहुँचा और यहीं पर इस मार्च का समापन हुआ। इसके बाद, पुलिस प्रशासन में सदर बाजार पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक संदीप भारती को एक ज्ञापन सौंपा गया।
मार्च के दौरान कोई भी नारा न लगाते हुए, हाथों में तख्तियाँ और काली पट्टियाँ बाँधकर यह मार्च शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया था।
