जालना जिले में वक्फ़ संपत्तियों के रिकॉर्ड अपडेट की रफ़्तार तेज़—95% से अधिक पंजीकरण पूर्ण, उम्मीद पोर्टल की अंतिम तिथि 5 दिसम्बर — सुप्रीम कोर्ट ने दी महत्वपूर्ण दिशा

जालना/कादरी हुसैन
जालना जिले में वक्फ़ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और रिकॉर्ड अपडेट का काम अभूतपूर्व गति से पूरा होने की ओर है। पहले जिले में सिर्फ 752 वक्फ़ संपत्तियाँ दर्ज थीं, जिनमें से सरकारी गजट के अनुसार लगभग 400 ही मान्य पंजीकरण के दायरे में आती थीं।
लेकिन वक्फ़ कार्यालय द्वारा प्रारंभ की गई सुओ-मोटो कार्रवाई के बाद गैर-गजटेड संपत्तियों को भी विधिवत सूचीबद्ध किया गया। इस प्रक्रिया के बाद जिले में वक्फ़ संपत्तियों की कुल संख्या बढ़कर 2500 से अधिक हो चुकी है।
जालना महाराष्ट्र के उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है, जहाँ 95%–97% वक्फ़ संपत्तियों का डेटा सफलतापूर्वक Umeed Portal पर अपलोड किया जा चुका है। यह राज्यभर में चल रहे वक्फ़ रिकॉर्ड अपडेट अभियान का सबसे तेज़ परिणाम माना जा रहा है।
उम्मीद पोर्टल पंजीकरण की अंतिम तिथि — 5 दिसम्बर 2025
राज्य सरकार ने वक्फ़ संपत्तियों के ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 दिसम्बर तय की है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा—
“यदि अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग है, तो संबंधित पक्ष वक्फ़ ट्रिब्यूनल में अपील करें और 5 दिसम्बर 2025 से पहले ट्रिब्यूनल का निर्णय प्राप्त करें।”
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि समय सीमा में किसी भी प्रकार का विस्तार सिर्फ ट्रिब्यूनल के आदेश से ही संभव होगा।
दरगाह हज़रत जनउल्लाह साहब क़ादरी (र.अ.), कादराबाद—70% संपत्तियों का पंजीकरण पूर्ण
जालना जिले की प्रमुख वक्फ़ संपत्तियों में शामिल मस्जिद, मक़बरा, ख़ानक़ाह और कादराबाद की लगभग 570 बीघा वक्फ़ भूमि का डिजिटलीकरण तीव्र गति से जारी है। अब तक लगभग 70% कार्य पूरा हो चुका है।
वक्फ़ बोर्ड के जालना जिला क्लर्क रेहान अली हाशमी ने बताया—
“पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। कई बार कार्यालय में 24 घंटे सिर्फ उम्मीद पोर्टल पर ही काम चलता है ताकि एक भी वक्फ़ संपत्ति पंजीकरण से न छूटे। अंतिम तिथि नज़दीक होने के कारण कार्य की गति दोगुनी कर दी गई है।”
जिले में जारी यह व्यापक अभियान वक्फ़ संपत्तियों की पारदर्शिता, सुरक्षा और कानूनी स्पष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
