जिल्हाधिकारी कार्यालय पर शिक्षकों का धड़क मोर्चा — सभी स्कूल 100% बंद, शिक्षकों में बढ़ता आक्रोश

पैठण/सबदर कुरैशी
लगातार बढ़ते अशैक्षणिक काम, ऑनलाइन कार्यों का बोझ, टीईटी से जुड़े नवनिर्मित नियम और नई संच मान्यता नीति के विरोध में शिक्षक वर्ग में तीव्र असंतोष पैदा हो गया है। इन्हीं मांगों को लेकर शिक्षक-शिक्षकेतर संघटना समन्वय समिति के नेतृत्व में क्रांति चौक से जिल्हाधिकारी कार्यालय तक विशाल मोर्चा निकाला गया। इस दौरान औरंगाबाद जिले की 100% शालाएँ बंद रहीं और शिक्षक उत्साहपूर्वक मोर्चे में शामिल हुए।
शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य दिया जाए, बार-बार के अन्य सरकारी काम बंद किए जाएँ। साथ ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पुराने संच मान्यता नियमों के अनुसार पदस्थापना देने, शिक्षण विस्तार अधिकारी, केंद्रप्रमुख, मुख्याध्यापक और पदवीधर शिक्षक पदों को पदोन्नति द्वारा भरने, तथा 10-20-30 लाभ योजना शिक्षकों पर भी लागू करने जैसी प्रमुख मांगें सामने रखी गईं।
महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के तालुका अध्यक्ष योगेश शिसोदे ने पिछले सप्ताहभर स्कूलों का दौरा कर शिक्षकों को स्कूल बंद करने और एकजुट होने का आह्वान किया था। सरचिटणीस समशेर पठाण ने जानकारी दी कि पैठण तालुका के सौ फीसदी शालाएँ बंद रहीं और सभी शिक्षक मोर्चे में शामिल हुए।
