“बाबासाहेब हमारे रक्त में, हमारे संकल्प में” — मस्तगड में युवाओं ने 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर जताई अटूट श्रद्धा

जालना/कादरी हुसैन
भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर मंगलवार को जालना तालुका के मस्तगड में युवाओं ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए उनके विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प दोहराया। स्थानीय युवाओं ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके विचारों पर आधारित सामाजिक जागरूकता और प्रगतिशील बदलाव के लिए प्रतिबद्धता जताई।
सामाजिक कार्यकर्ता राहुल सत्यनारायण करनाडे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योजक दीपक डोंगरे, किसान विजय ओमप्रकाश भगत, नाना करंडे, भरतानंद भक्त (पहिलवान), बालाजी शहाणे, शेख सिद्दीक सहित बड़ी संख्या में युवक और नागरिक उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए राहुल करनाडे ने कहा कि “बाबासाहेब सिर्फ इतिहास नहीं हैं — वे हमारे रक्त में, हमारे विचारों में और हमारी हर सांस में बसते हैं। उनका संघर्ष हमें न्याय, समानता और मानवता की राह दिखाता है।”

उन्होंने आगे कहा कि बाबासाहेब की प्रेरणा से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की हर कोशिश आगे बढ़ेगी और युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने एकमत होकर दृढ़ प्रतिज्ञा ली कि
“जब तक बाबासाहेब के सपनों का भारत नहीं बनता, हमारा संघर्ष रुकने वाला नहीं है। हम शिक्षित बनेंगे, संगठित रहेंगे और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करते रहेंगे।”
युवाओं ने यह भी संकल्प लिया कि महापुरुषों को सिर्फ याद करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में लाना और आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
मस्तगड में आयोजित यह संकल्प सभा आंबेडकरवाद के प्रति युवाओं की जागरूकता और समाज सुधार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी।
