जालना: बाबरी मस्जिद की 33वीं बरसी पर रज़ा अकादमी का कार्यक्रम, उलेमा व स्थानीय नागरिकों ने की इज्तेमाई अज़ान व दुआ

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर में आज बाबरी मस्जिद की 33वीं बरसी के मौके पर रज़ा अकादमी की ओर से के.जी.एन. रोड, दुखी नगर (क़दीम जालना) में इज्तेमाई अज़ान और दुआ का शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम 3:45 बजे शुरू हुए इस आयोजन में उलेमा-ए-किराम, सामाजिक कार्यकर्ता, मुस्लिम लीडरान और बड़ी संख्या में नौजवान मौजूद रहे।
मौलाना सैय्यद जमील ने अपने संबोधन में कहा कि “1992 में दिनदहाड़े 600 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया, जो देश के अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज के लिए गहरी तकलीफ़ और इंसाफ़ की लंबी लड़ाई का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि बरसी का यह कार्यक्रम अतीत को याद कर अमन, इंसाफ़ और एकता की दुआ करने का एक तरीका है।

कार्यक्रम में हाफिज व कारी अमजद रज़ा, हाफिज उमर रज़वी, मौलाना नौशाद रज़ा, मौलाना मसीहुद्दीन, मौलाना अरमान रज़ा, हाफिज मुनव्वर, हाफिज सरताज़, हाफिज रेहान रज़ा समेत
खान इक़बाल पाशा, शाह आलम खान, मुनव्वर खान लाल, सैय्यद अब्दुल रहीम, शेख माजीद, वाजिद खान, गुलाम महबूब, असद रज़वी, आसिफ अंसारी, सैय्यद मोहसिन चिश्ती, अब्दुल कय्यूम खान, एडवोकेट फेरोज़ बागवान, सैय्यद मोहसिन रज़वी आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक दुआ के साथ हुआ, जिसमें देश में अमन, सलामती और भाईचारे की दुआ की गई।
