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टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग तेज — शिक्षकों ने सांसद तनुज पुनिया को सौंपा ज्ञापन, RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की अपील

बाराबंकी/नूर मोहम्मद अल्वी 

टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के खिलाफ बाराबंकी में शिक्षकों ने आवाज बुलंद की। टीएफआई के राष्ट्रीय सचिव अरुणेंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद तनुज पुनिया से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट देने की मांग
शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून लागू होने से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना अव्यावहारिक और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने तर्क दिया कि यह लाखों अनुभवी शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा पर सीधा असर डालता है।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएं और केंद्र सरकार से टीईटी अनिवार्यता हटाने की मांग करें।

जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक हस्तक्षेप की उम्मीद
शिक्षकों का कहना था कि यह मुद्दा प्रदेश भर के शिक्षकों की पेशेवर गरिमा और स्थिरता से जुड़ा हुआ है। इसलिए इससे जुड़े नियमों में संशोधन आवश्यक है, ताकि पूर्वनियुक्त शिक्षकों को राहत मिल सके।

ज्ञापन सौंपने में दर्जनों शिक्षक शामिल
इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ से जिलाध्यक्ष पवन कुमार वर्मा, जिला मंत्री बृजेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष (बंकी) मनोज कुमार वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष (सिद्धौर) जंग बहादुर वर्मा, ब्लॉक मंत्री (मसौली) जमाल अहमद, जिला उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ से वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा, अरविंद कुमार, सुशील कुमार, संतोष शर्मा, आशुतोष कुमार, प्रेमचंद वर्मा, सहजराम वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष (हरख) कुलदीप पटेल, संतोष श्रीवास्तव, सुशील वर्मा, अरविंद वर्मा, आशीष वर्मा, नीरज श्रीवास्तव और विवेक वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।

ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान लेगी और जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी।

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