औरंगाबाद: जमानत पर छूटते ही फिर शुरू की नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली ‘तरल नशीली दवा’ की बिक्री, एएनसी की कार्रवाई में दो गिरफ्तार — 31 बोतलें बरामद

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद में रिकॉर्डधारी अपराधी ने मादक पदार्थों की तस्करी के दो मामलों में जमानत पर छूटते ही नशे के लिए उपयोग की जाने वाली ‘तरल नशीली दवा’ बेचने का अवैध धंधा फिर शुरू कर दिया। अमली पदार्थ प्रतिबंधक विभाग (एएनसी) ने सोमवार रात जाल बिछाकर सैयद फिरोज सैयद अकबर उर्फ अंधा फिरोज (30, निवासी चांदमारी, पडेगांव) और अयान शेख चांद शेख (19, निवासी वेदांतनगर) को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 31 बोतलें बरामद हुईं।
एएनसी ने पिछले एक साल में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ 150 से अधिक कार्रवाई की हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा प्रभावी जांच न होने के कारण कई तस्कर जमानत पर छूटते ही फिर सक्रिय हो रहे हैं। एएनसी को सूचना मिली थी कि अंधा फिरोज ने एक बार फिर तरल नशीली दवा की बिक्री शुरू कर दी है।
इस जानकारी के आधार पर सहायक निरीक्षक रवीकांत गच्चे और उपनिरीक्षक अमोल म्हस्के के मार्गदर्शन में टीम ने सोमवार रात कर्णपुरा क्षेत्र में जाल बिछाया। फिरोज जैसे ही पेडलर अयान से मिलने पहुंचा, तभी सहायक अंमलदार लालखान पठाण, नवाब शेख, नितेश सुंदर्डे और सतीश जाधव ने दोनों को पकड़ लिया। जांच में उनके पास से बिक्री के लिए ले जाई जा रही 31 बोतलें तरल नशीली दवा मिलीं। दोनों को गिरफ्तार कर छावनी पुलिस के हवाले कर दिया गया।
अयान को प्रति बोतल 50 रुपये, फिरोज 200 की बोतल 400 में बेचता था
फिरोज के खिलाफ पहले भी कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। कुछ महीने पहले एएनसी ने उसे दो बार गिरफ्तार किया था। पिछली बार उसे 200 नशीली गोलियों के साथ पकड़ा गया था। जमानत पर छूटने के बाद गोलियों की तस्करी कठिन होने लगी, इसलिए उसने तरल नशीली दवा की बिक्री शुरू कर दी। अयान ग्राहकों तक बोतलें पहुंचाता था और उसे प्रति बोतल 50 रुपये मिलते थे। फिरोज यह दवा 200 रुपये में खरीदता और नशेड़ियों को 400 रुपये में बेचता था।
“अखिल मालिक” अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों?
फिरोज यह पूरा माल कुख्यात तस्कर अखिल मालिक से खरीदता था। उसके खिलाफ करीब पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन वह अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। जानकारी के अनुसार, वह शहर में रहकर बेखौफ नशे का रैकेट चला रहा है। फिरोज ने बताया कि यह पूरा स्टॉक सूरत से मंगवाया जाता है।
