पैठण के पाटेगाव में डॉ. आंबेडकर की पुण्यतिथि न मनाने पर भारी विवाद, ग्रामस्थों में आक्रोश

पैठण/सबदर कुरैशी
पैठण तहसील के पाटेगाव गांव में उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्माण हो गई जब जेपी प्राथमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक दिलीप थोटे पर 6 दिसंबर को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिन पर जानबूझकर श्रद्धांजलि कार्यक्रम न आयोजित करने का आरोप लगा। इस घटना से नाराज़ ग्रामस्थों और स्कूल समिति के सदस्यों ने मुख्याध्यापक के खिलाफ तीव्र विरोध दर्ज कराया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्याध्यापक थोटे द्वारा सिर्फ 6 दिसंबर ही नहीं, बल्कि 26 नवंबर को संविधान दिवस भी स्कूल में आयोजित नहीं किया गया, जो सीधे-सीधे सरकारी आदेशों का उल्लंघन है। ग्रामस्थों का कहना है कि थोटे मनमानी तरीके से स्कूल चलाते हैं और डॉ. आंबेडकर से जुड़े किसी भी सरकारी कार्यक्रम को जानबूझकर नहीं मनाते। साथ ही, सरपंच, स्कूल समिति अध्यक्ष और सदस्यों को किसी भी स्कूल कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाता, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया और सामाजिक समन्वय पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
ग्रामस्थों ने आरोप लगाया कि मुख्याध्यापक की यह कार्यशैली सामाजिक एकता, संवैधानिक मूल्य और भाईचारे को ठेस पहुँचाने वाली है। इस संदर्भ में पैठण पंचायत गटशिक्षणाधिकारी को औपचारिक निवेदन देकर मुख्याध्यापक थोटे के खिलाफ तत्काल जांच, सरकारी आदेशों के उल्लंघन पर आईपीसी 166/188 सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनकी त्वरित बदली की मांग की गई है।
ग्रामस्थों ने चेतावनी दी है कि यदि 26 जनवरी तक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक उपोषण (धरना-प्रदर्शन) करने को मजबूर होंगे।
