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जालना: मृतक सागर धानुरे के अज्ञात हत्यारों को 24 घंटे में गिरफ्तार — स्थानीय अपराध शाखा की बड़ी कार्रवाई

जालना/कादरी हुसैन

दिनांक 21/12/2025 को पुलिस थाना कदीम जालना में आकस्मिक मृत्यु प्रकरण क्रमांक 56/2025, धारा 194 भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज मामले की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मृतक सागर धानुरे की मृत्यु आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इस गंभीर मामले का खुलासा करने और अज्ञात आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश जालना के पुलिस अधीक्षक द्वारा स्थानीय अपराध शाखा, जालना को दिए गए।

इन निर्देशों के अनुसार स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव ने अधिकारियों व कर्मचारियों की एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर जांच में यह सामने आया कि कल्याण गणपतराव भोजने (उम्र 41 वर्ष), निवासी समर्थ नगर, जुना जालना, इस हत्या का मास्टरमाइंड है। उसे उसके निवास स्थान से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभ में वह टालमटोल करता रहा, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक सागर धानुरे के साथ उसका पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था और सागर उसे लगातार परेशान कर रहा था। इसी दौरान उसे यह भी जानकारी मिली कि कमलेश झाडीवाले और सागर धानुरे के बीच भी कई कारणों से विवाद होते रहे हैं। इसी रंजिश के चलते कल्याण भोजने ने कमलेश झाडीवाले को सागर धानुरे की हत्या के लिए 25 लाख रुपये देने का सौदा तय किया और दोनों ने करीब 15 दिन पहले हत्या की साजिश रची।

दिनांक 20/12/2025 की रात करीब 9 बजे कल्याण भोजने ने सागर धानुरे को जालना स्थित कलावती अस्पताल के सामने बुलाया और इसकी सूचना कमलेश झाडीवाले को दी। योजना के अनुसार कमलेश झाडीवाले अपनी कार से वहां पहुंचा और सागर को बातचीत के बहाने कार में बैठाया। इसी दौरान उसने अपने पास रखी देसी पिस्तौल से सागर की गर्दन के पास दो राउंड फायर किए। जब सागर ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी ने चाकू से उसकी छाती और गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

हत्या के बाद आरोपी अपने घर चला गया। दिनांक 21/12/2025 को वह दोबारा घटनास्थल पर आया और मृतक का पोस्टमार्टम कराने के लिए अपने मित्रों के साथ छत्रपति संभाजीनगर गया।

आरोपी कमलेश झाडीवाले की तलाश के लिए एक पुलिस टीम छत्रपति संभाजीनगर रवाना की गई। इसी दौरान सूचना मिली कि वह जालना की ओर लौट रहा है। टीम ने नागेवाड़ी टोल नाका के पास उसे रोककर हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि हत्या के बाद कल्याण भोजने उसे 25 लाख रुपये देने वाला था।

इसके बाद दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कदीम जालना पुलिस थाना के जांच अधिकारी के सुपुर्द किया गया।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी और उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा, जालना के पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव, सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश उबाळे, पुलिस उपनिरीक्षक राजेंद्र वाघ तथा पुलिस कर्मचारियों रामप्रसाद पव्हरे, भाऊराव गायके, सैम्युअल कांबळे, रमेश राठोड, प्रभाकर वाघ, सागर बाविस्कर, इरशाद पटेल, संदीप चिंचोले, रमेश काळे और संजय सोनवणे द्वारा अंजाम दी गई।

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