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जालना: 1961 से राष्ट्र रक्षा की मिसाल बना जवखेड़ा बु. का तंगे परिवार, तीन पीढ़ियों ने निभाई देश सेवा की परंपरा

जालना/कादरी हुसैन

जालना जिले के भोकरदन तालुका अंतर्गत जवखेड़ा बु. गांव का तंगे परिवार पिछले छह दशकों से देश सेवा की एक सशक्त और गौरवशाली परंपरा को जीवित रखे हुए है। वर्ष 1961 से इस परिवार की पीढ़ियां निरंतर भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देकर राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान दे रही हैं।

जवखेड़ा बु. गांव निवासी श्री छगन काशीनाथ तंगे वर्ष 1961 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने 1962 के चीन युद्ध तथा 1971 के पाकिस्तान के विरुद्ध हुए युद्ध में सक्रिय सहभागिता निभाई। 21 वर्षों की सेवा के बाद वे वर्ष 1981 में सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद गांव लौटकर उन्होंने युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया, जिससे तंगे परिवार की अगली पीढ़ियां भी देश सेवा से जुड़ती चली गईं।

तंगे परिवार के श्री सुरेश अण्णा तंगे वर्तमान में राजस्थान में पाकिस्तान सीमा पर अधिकारी पद पर कार्यरत हैं और पिछले 25 वर्षों से देश सेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, पंजाब तथा राजस्थान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। इसी परिवार के दिनेश अण्णा तंगे श्रीनगर में नायक पद पर कार्यरत हैं, जबकि सुधीर गजानन तंगे सियाचिन, लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्र में नायक पद पर देश सेवा निभा रहे हैं।

जवखेड़ा बु. गांव आज भोकरदन तालुका में देशभक्ति की परंपरा के लिए विशेष पहचान बना चुका है। लगभग 196 परिवारों और 2000 की आबादी वाले इस गांव से अब तक 46 युवक भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, अर्धसैनिक बल, कमांडो फोर्स तथा पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। इस परंपरा की नींव वर्ष 1961 में छगन काशीनाथ तंगे ने रखी थी, जो गांव से सेना में भर्ती होने वाले पहले जवान थे।

गांव के युवा आज भी देश सेवा का सपना संजोए हुए हैं। सुबह से देर रात तक दौड़, व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। राष्ट्र के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा लेकर वे निरंतर तैयारी में जुटे हुए हैं।

88 वर्षीय वीर सैनिक छगन काशीनाथ तंगे
वर्तमान में पुणे में अपनी बेटी के यहां निवास कर रहे 88 वर्षीय छगन काशीनाथ तंगे ने प्रतिनिधि से बातचीत में कहा, “देश हमें सब कुछ देता है, हमें भी देश के लिए कुछ देना सीखना चाहिए।” उन्होंने बताया कि सेना में भर्ती के समय उन्हें मात्र 10 रुपये वेतन मिलता था और सेवानिवृत्ति के बाद 600 रुपये मासिक पेंशन मिली।

तीसरी पीढ़ी भी देश सेवा के लिए तैयार
तंगे परिवार की तीसरी पीढ़ी भी सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रही है। इसी परिवार के कृष्णा अण्णा तंगे जालना पुलिस बल में कार्यरत हैं और आंतरिक सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं।

पूर्व सरपंच कैलास उत्तमराव पवार का योगदान
जवखेड़ा बु. गांव के पूर्व सरपंच कैलास उत्तमराव पवार ने 18 वर्षों तक देश सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होकर गांव की सेवा की। उनके कार्यकाल में गांव का उल्लेखनीय विकास हुआ। बीते माह उनका निधन हुआ।

इस प्रकार जवखेड़ा बु. गांव और तंगे परिवार की देशभक्ति की परंपरा पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का प्रतीक बनी हुई है।

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