भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही जालना–जलगांव रेल परियोजना को मिलेगी रफ्तार : रावसाहेब दानवे

जालना/कादरी हुसैन
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रावसाहेब दानवे ने कहा है कि जालना–जलगांव रेल मार्ग की प्रगति भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर निर्भर है। जैसे ही अधिग्रहण पूरा होगा, परियोजना के निर्माण कार्य में तेज़ी आएगी। वे जालना स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।
दानवे ने बताया कि जालना–बदनापुर–सिल्लोड होकर प्रस्तावित रेल मार्ग के कई हिस्सों में भूमि अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। शेष क्षेत्रों में प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए संबंधित इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण समय पर पूरा होने से न केवल रेल परियोजना, बल्कि संबंधित महामार्ग परियोजना भी तय समय-सीमा में पूरी हो सकेगी। इससे क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
दानवे ने जानकारी दी कि इस महत्वपूर्ण महामार्ग परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने बजट में लगभग 5,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस वित्तीय सहयोग से निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में दानवे ने मौजूदा सांसद कल्याण काले पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि मुंबई–नागपुर समृद्धि महामार्ग के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा सकता था, लेकिन क्या जिले का संसद में प्रतिनिधित्व करने वाला नेतृत्व इसकी दूरदर्शिता समझ पाया, इस पर संदेह है। उन्होंने कहा कि संबंधित जनप्रतिनिधियों को इन योजनाओं की जानकारी के लिए उनके साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए।
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट का स्वागत करते हुए दानवे ने कहा कि इसमें कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचा और सामाजिक क्षेत्रों के लिए संतुलित प्रावधान किए गए हैं, जो राज्य और जिले के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होंगे।
अंत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नीति को दोहराते हुए कहा—
“सबसे पहले राष्ट्र, फिर संगठन और अंत में स्वयं।”
