नागपुर में एसबीएल एनर्जी फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 17 मजदूरों की मौत, 20 से अधिक घायल

नागपुर/प्रतिनिधि
नागपुर जिले के काटोल तालुका के राऊळगांव स्थित एसबीएल एनर्जी कंपनी में रविवार सुबह करीब सात बजे भीषण विस्फोट हो गया। यह कंपनी गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का निर्माण करती है। इस हादसे में कम से कम 17 कामगारों की मौत की प्राथमिक जानकारी सामने आई है, जबकि 20 से अधिक कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर होने से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राऊळगांव के समीप येनवरा गांव के पास स्थित इस प्रकल्प में डेटोनेटर, स्लरी एक्सप्लोसिव, कास्ट बूस्टर और सिस्मिक एक्सप्लोसिव का उत्पादन किया जाता है। रविवार सुबह अचानक एक यूनिट में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके में तेज आवाज गूंजी और फैक्ट्री के कुछ हिस्सों में आग लग गई।
घटना के समय विभिन्न यूनिटों में 30 से अधिक कर्मचारी कार्यरत थे। विस्फोट के बाद कुछ मजदूरों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे। दमकल की कई गाड़ियां आग पर काबू पाने और राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
घायलों को तुरंत नागपुर शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों का इलाज आईसीयू में चल रहा है। जानकारी के अनुसार घायलों में बड़ी संख्या महिला कामगारों की है।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और मजदूर संगठनों ने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और कुछ कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिए बिना काम पर लगाया गया। हालांकि विस्फोट का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन प्रारंभिक आशंका है कि विस्फोटक सामग्री के भंडारण या उत्पादन प्रक्रिया में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने प्रशासन से विस्तृत जानकारी ली है और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए हैं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पुलिस ने पंचनामा शुरू कर दिया है और आगे की जांच जारी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद औद्योगिक सुरक्षा उपायों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
