जालना रेलवे स्टेशन पर ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी, यात्रियों को भारी परेशानी रेलवे पुलिस व स्टेशन प्रशासन की निष्क्रियता से जनता में आक्रोश

जालना/कादरी हुसैन
शहर के जालना रेलवे स्टेशन परिसर में ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा खुलेआम की जा रही अव्यवस्था से आने-जाने वाले यात्रियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार पर ऑटो रिक्शा चालकों की भीड़, जबरन सवारी बैठाना, ऊँची आवाज़ में शोर-शराबा तथा यात्रियों से बदसलूकी की घटनाएँ रोज़मर्रा की बात हो गई हैं।

यात्रियों का आरोप है कि ऑटो रिक्शा चालक स्टेशन परिसर में नियमों को ताक पर रखकर खड़े रहते हैं, जिससे बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष कठिनाई होती है। प्लेटफॉर्म से बाहर निकलते ही यात्रियों को घेरकर जबरन ऑटो में बैठाने की कोशिश की जाती है, वहीं कुछ चालक आपसी झगड़ों से माहौल को और तनावपूर्ण बना देते हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद रेलवे पुलिस बल तथा स्टेशन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन मास्टर और संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे ऑटो चालकों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन परिसर में ऑटो रिक्शा के लिए तय स्थान (स्टैंड) निर्धारित किया जाए, अवैध रूप से खड़े ऑटो पर सख्त कार्रवाई हो और नियमित पेट्रोलिंग के माध्यम से व्यवस्था बहाल की जाए। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों पर बड़ा खतरा बना रहेगा।
जनता ने रेलवे प्रशासन से अपील की है कि जालना रेलवे स्टेशन पर अनुशासन कायम करते हुए यात्रियों को राहत प्रदान की जाए, ताकि स्टेशन परिसर में सुरक्षित और सुचारु आवागमन सुनिश्चित हो सके।