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महिला दिवस के अवसर पर अमरीन जहां खान का शायनिंग स्टार स्कूल में भव्य सम्मान

औरंगाबाद/प्रतिनिधि

8 मार्च को मनाया जाने वाला विश्व महिला दिवस महिलाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और शैक्षणिक योगदान का उत्सव है। इसी अवसर पर शायनिंग स्टार प्राथमिक स्कूल की संस्था की सचिव अमरीन जहां खान का सम्मान करते हुए उनका भव्य सत्कार किया गया।

शिक्षिका केवल ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि नई पीढ़ियों को भी गढ़ती हैं। अमरीन जहां खान एक आदर्श मुख्याध्यापिका के रूप में स्कूल के शिक्षकों को हमेशा प्रोत्साहित करती रही हैं। स्कूल के सभी बच्चों और शिक्षकों की प्रिय मैडम के रूप में उनकी पहचान है।

उन्होंने स्कूल के गरीब बच्चों के लिए दूर-दराज से स्कूल आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराई है। साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि आगामी जून माह में स्कूल के सभी विद्यार्थियों को ट्रैकसूट (यूनिफॉर्म) मुफ्त प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा कॉपी, किताबें, जूते, मोजे और स्कूल बैग जैसी कई आवश्यक वस्तुएं भी वे विद्यार्थियों को उपलब्ध कराती हैं। वे स्कूल के प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत रूप से देखभाल करती हैं।

इस कार्य में स्कूल के मुख्याध्यापक साजिद पाशा का भी हमेशा सहयोग और महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इस अवसर पर अमरीन जहां खान ने “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” का संदेश देते हुए बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया।
इस दौरान अशा ढाकणे पाटील ने कहा कि मैडम द्वारा किए जा रहे इस महान कार्य की जितनी सराहना की जाए, वह कम है। कार्यक्रम में सभी शिक्षकों ने भी उनका सम्मान करते हुए उन्हें नमन किया।

शुभांगी कुलकर्णी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संविधान ने महिलाओं को सम्मान और अधिकार प्रदान किए हैं। घर की हर महिला और हर स्त्री को समान अधिकार और स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, संपत्ति, सम्मान और निर्णय लेने का अधिकार दिलाना ही सच्चा महिला सशक्तिकरण है।

इस अवसर पर बुरहाना पठान ने कहा कि महिला शिक्षिकाएं नई पीढ़ी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और सभी महिला शिक्षकों को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

धनश्री खिल्लारे ने कहा कि शिक्षक समाज का आधारस्तंभ होते हैं और उनका सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। बेटों की तरह बेटियों को भी समान अवसर और शिक्षा देना समय की आवश्यकता है। महिलाओं का सम्मान केवल एक दिन नहीं बल्कि हर दिन होना चाहिए। यदि महिलाएं सशक्त होंगी तो देश तेजी से प्रगति करेगा।

वहीं सहशिक्षिका आशा सुभाष ढोकणे ने कहा—

“स्वप्नों को वह पंख देती है,
जीवन को नई दिशा देती है,
नारी का करें सम्मान,
वही है देश का अभिमान।”

कार्यक्रम के अंत में वैशाली दाभाडे ने आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का समापन किया।

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