हिम्मत की मिसाल बना नदीम खान: दो बच्चों को बचाया, तीसरी को बचाते हुए खुद हो गया शहीद

जलगांव | प्रतिनिधि
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भडगांव में गिरणा नदी में डूब रहे दो मासूम बच्चों को बचाने वाले एक बहादुर युवक की तीसरी लड़की को बचाने की कोशिश में दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में 16 वर्षीय लड़की की भी डूबने से जान चली गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भडगांव के गिरणा नदी के पात्र में कुछ बच्चे नहाने के लिए उतरे थे। तैरते समय अचानक पानी की गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण बच्चे डूबने लगे। बच्चों को डूबता देख वहां मौजूद खान नदीम खान (उम्र लगभग 25 वर्ष) ने बिना देर किए तुरंत नदी में छलांग लगा दी।
नदीम खान ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाते हुए दो छोटे बच्चों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। दो बच्चों की जान बचाने के बाद उन्होंने तीसरी लड़की काफिया शरीफ पिंजारी (उम्र 16 वर्ष) को बचाने के लिए फिर से गहरे पानी में छलांग लगाई।
हालांकि, काफिया को बचाने के प्रयास के दौरान नदीम खान की सांस फूल गई और गहरे तथा शांत पानी में दोनों ही डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे और खोज अभियान चलाकर दोनों के शव बाहर निकाले। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि गिरणा नदी के पात्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। इस कारण नदी में कई जगह बहुत गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। पानी की गहराई का अंदाजा न लग पाने और इस हादसे के पीछे इन्हीं कृत्रिम गड्ढों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही भडगांव पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। फिलहाल इस मामले में भडगांव पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।
दो बच्चों की जान बचाकर खुद अपनी जान गंवाने वाले नदीम खान के साहस की जहां हर तरफ सराहना हो रही है, वहीं इस दर्दनाक घटना से दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और भडगांव शहर में शोक का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।