औरंगाबाद: विदेशी गांजा बेचने के इरादे से घूम रहे दो छात्र गिरफ्तार, 29.51 लाख का माल जब्त

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद में मंगलवार को पुलिस ने विदेशी गांजा बेचने के उद्देश्य से घूम रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कुल 29 लाख 51 हजार 200 रुपये का मुद्देमाल जब्त किया गया है। यह जानकारी क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक गजानन कल्याणकर ने दी। खास बात यह है कि पकड़े गए दोनों आरोपी छात्र हैं, जिससे यह चर्चा तेज हो गई है कि युवाओं के बीच विदेशी गांजे का नशा तेजी से फैल रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम राजवीर चरणसिंह बिरग (उम्र 20) और ओम रविंद्र शिंदे (उम्र 23) बताए गए हैं। दोनों आरोपी एन-4 क्षेत्र के निवासी हैं। राजवीर हनुमान मंदिर के पास रहता है, जबकि ओम शहीद भगतसिंह कॉलोनी का निवासी है।
इस मामले में अभिजीत द्वारकादास चिखलीकर की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत क्रांति चौक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के 6 से 7 अन्य साथी भी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं और नशे के कारोबार का एक जाल सक्रिय होने की आशंका है।
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से बाबा पेट्रोल पंप के पास लोहे के पुल के इलाके से गुजर रहे हैं और उनके पास विदेशी गांजा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से हाइड्रो-कैनबिस नामक विदेशी गांजा बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार इस गांजे की कीमत लगभग 10 हजार रुपये प्रति ग्राम बताई जा रही है। आरोपियों के पास से कुल 285 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। यह गांजा राजवीर बिरग के बैग में पाया गया। जब्त किए गए गांजे सहित अन्य सामान की कुल कीमत 29 लाख 51 हजार 200 रुपये बताई गई है।
यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक गजानन कल्याणकर, सहायक पुलिस निरीक्षक रविकांत गच्चे, पुलिस उपनिरीक्षक जगन्नाथ मेनकुदळे, प्रवीण वाघ और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने संयुक्त रूप से की।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से एक डिजिटल वजन कांटा भी मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गांजे को तौलकर बेचने की तैयारी की जा रही थी। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों से दो मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं।
पुलिस ने हाल ही में नशीले पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत यदि कोई व्यक्ति 112 नंबर या पुलिस के मोबाइल नंबर पर जानकारी देता है, तो उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।