जालना आरटीओ कार्यालय पर भ्रष्टाचार के आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता अजय आजगे पाटील ने की जांच की मांग

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर के छत्रपति संभाजीनगर रोड पर टोल नाके के आगे स्थित उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अजय अशोक आजगे पाटील ने इस संबंध में उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जालना तथा जिलाधिकारी जालना को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आरटीओ कार्यालय के कुछ अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत वसूली के लिए निजी व्यक्तियों का सहारा ले रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि ये निजी व्यक्ति कार्यालय के अधिकृत कर्मचारी नहीं हैं, इसके बावजूद उनसे कथित तौर पर वाहन चालकों और नागरिकों से पैसे वसूलने का काम कराया जा रहा है।
आवेदन में शंकर जोशी, सुरेश, भालेराव, अभिजीत कुलकर्णी, रहीम मणियार, सुभाष लालझरे और जानकीराम सहित लगभग सात से आठ निजी व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि ये लोग अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कथित रूप से रिश्वत की रकम इकट्ठा करते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अजय आजगे पाटील ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि जालना उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में अब तक बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू नहीं की गई है। इसके कारण कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर अनियमितता की स्थिति बनी हुई है। आरोप है कि कई अधिकारी और कर्मचारी जालना मुख्यालय में निवास नहीं करते और बाहर से आना-जाना करते हैं। इस कारण महाराष्ट्र राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय मुंबई से यहां बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने की मांग की गई है।
इसके अलावा आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि वाहन फिटनेस जांच के दौरान शासन द्वारा लगाए गए अधिकृत कैमरों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसके स्थान पर एक निजी फोटोग्राफर पंकज के माध्यम से वीडियो शूटिंग कराई जाती है और वाहन चालकों को कथित रूप से रिश्वत की रकम उसी के पास जमा कराने के निर्देश दिए जाते हैं।
अजय आजगे पाटील ने अपने आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही इस आवेदन की प्रतियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनीत्रा ताई पवार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विभागीय आयुक्त पापळकर तथा परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर को भी भेजी गई हैं।
मामले के सामने आने के बाद जालना आरटीओ कार्यालय में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
