औरंगाबाद में गैस संकट के बीच प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अवैध भंडारण पर छापे, कई सिलेंडर जब्त

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत के बीच प्रशासन ने अवैध भंडारण और ऊंचे दामों पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नांदेड़ जिला प्रशासन की तर्ज पर अब औरंगाबाद में भी छापेमारी तेज कर दी गई है।
प्रशासन द्वारा शहर के श्रीनगर क्षेत्र में छापा मारकर 10 खाली गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इस मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं सिल्लोड क्षेत्र में भी प्रशासन ने तीन होटलों पर कार्रवाई करते हुए तीन घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए।
दरअसल, खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाली हाथगाड़ियों और छोटे होटलों में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा था। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों से अभियान तेज कर दिया है। जिलेभर में अब तक 67 कार्रवाई करते हुए 75 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं।
धनसांगवी शहर में कुल 27 स्थानों पर छापे मारे गए, जहां 7 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं भोकरदन शहर और आसपास के क्षेत्रों में 40 जगहों पर कार्रवाई करते हुए 8 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
गैस आपूर्ति पर संकट, नागरिक परेशान
शहर में गैस आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक सिलेंडर के लिए नागरिकों को सुबह से ही एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को दोपहर तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रशासन के दावे बनाम हकीकत
प्रशासन का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर्याप्त है और वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। नागरिकों का आरोप है कि समय पर गैस नहीं मिलने से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है।
सोमवार (16 तारीख) को कई उपभोक्ताओं ने एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहकर अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि काम छोड़कर घंटों लाइन में लगने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा।
व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती
दूसरी ओर, व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कमी के कारण होटल संचालक, खानावली और लॉज संचालक भी परेशान हैं। ऐसे में कुछ लोग घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग कर रहे थे, जिस पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे सिलेंडर जब्त किए जाएंगे।
