औरंगाबाद में वकील की लूट के बाद निर्मम हत्या, साड़ी पहनकर वारदात करने वाली गैंग का खुलासा

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद में लूट के प्रयास के दौरान एडवोकेट मिथुन पुंडलिक भास्कर (49, निवासी आनंदनगर) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना बीड बायपास स्थित गांधेली क्षेत्र में बुधवार रात सामने आई। मामले में पुलिस ने सादिक बशीर अंसारी (40, निवासी शहानूरमिया दरगाह, उस्मानपुरा) और नानासिंह हिरासिंह जुनी (20, निवासी मुकुंदनगर, मुकुंदवाड़ी) को गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, Bombay High Court की औरंगाबाद खंडपीठ में वकालत करने वाले मिथुन भास्कर बुधवार शाम काम के सिलसिले में गांधेली इलाके में गए थे। इसी दौरान सादिक ने उन्हें रास्ते में रोककर करीब 50 मीटर अंदर ले जाकर पैसों की मांग की। मिथुन ने 300 रुपये देने की बात कही, लेकिन आरोपी ने ज्यादा रकम की मांग करते हुए लूट का प्रयास किया।
बताया गया कि सादिक ने ताली बजाकर अपने अन्य साथियों को बुलाया। इसके बाद सभी ने मिलकर मिथुन की पिटाई की, उनका मोबाइल और पर्स छीन लिया और जांघ में चाकू घोंपकर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात के बाद मृतक का मोबाइल और वॉलेट भी लूट लिया है, जिसकी तलाश जारी है। साथ ही बीड बायपास पर सक्रिय अन्य संदिग्ध गिरोहों की भी तलाश की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सोमनाथ जाधव ने बताया कि सादिक के बयान में यह सामने आया है कि वह और उसके साथी महिलाओं की तरह वेशभूषा कर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे। वह खुद को तृतीयपंथी बताता था, जिसकी मेडिकल जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं, तृतीयपंथी समाज के प्रतिनिधियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि आरोपी तृतीयपंथी नहीं है, बल्कि वेश बदलकर अपराध कर रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि तृतीयपंथी समाज ऐसे अपराधों में शामिल नहीं होता और यदि किसी का संबंध पाया जाता है तो पुलिस इसे स्पष्ट रूप से सामने लाए। साथ ही उन्होंने जांच में पुलिस को पूरा सहयोग देने की बात भी कही है।
